
लाइफस्टाइल डेस्क। दिवाली पर अपनों को मिठाई का डिब्बा भेंट करने की परंपरा तो पुरानी है, लेकिन इस बार उपहार देने का अंदाज कुछ बदला हुआ है। मिठाई के गिफ्ट हैंपर अब पटाखों की शक्ल में नजर आ रहे हैं।
फुलझड़ी, अनार, चकरी, राकेट, सुतली बम और माचिस बम जैसे दिखने वाले ये पटाखा पार्टी हैंपर पहली नजर में असली आतिशबाजी का अहसास कराते हैं, लेकिन इन्हें जलाने के बजाय खाया जाता है। ड्रायफ्रूट और चाकलेट के अलग-अलग फ्लेवर से तैयार ये स्वीट क्रैकर्स बच्चों से लेकर बड़ों तक को आकर्षित कर रहे हैं।
इस नए ट्रेंड को आगे बढ़ाने में शहर के होम बेकर्स और मेकर्स की अहम भूमिका है। लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार कस्टमाइज्ड हैंपर तैयार करा रहे हैं। होम बेकर गौरी अग्रवाल ने दिवाली की थीम पर खास चाॅकलेट क्रैकर्स बाक्स तैयार किए हैं। इनमें अलग-अलग आकार के चाॅकलेट बम और पटाखे शामिल हैं।
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इन्हें खोलने पर आलमंड, केसर, पिस्ता और ड्रायफ्रूट्स जैसे फ्लेवर का मीठा सरप्राइज मिलता है। वहीं, होम बेकर चेतना साहू बताती है कि नुटेला, स्ट्राबेरी, आरेंज, गुलकंद, पान और बटरस्काच जैसे फ्लेवर भी पसंद किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि चाकलेट को पटाखों का आकार देकर आकर्षक रैपिंग और पैकेजिंग के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।
होम मेकर रिंकी मिश्रा के अनुसार, इस बार कस्टमाइज्ड गिफ्ट हैंपर्स की मांग है। लोग केवल चाकलेट ही नहीं, बल्कि मावा और चाकलेट से बने फज, गुलकंद बाल्स और अलग-अलग फ्लेवर की मिठाइयां भी पसंद कर रहे हैं। कपकेक पर फुलझड़ी, राकेट, चकरी और दीपक की आकृतियां भी बनाई जा रही हैं।
दूसरी ओर शहर के मिष्ठान्न विक्रेताओं ने भी पारंपरिक मिठाइयों को नए फ्लेवर और आकर्षक रूप में पेश किया है। काजू कतली में स्ट्राबेरी, ब्लूबेरी, केसर, पिस्ता और अंजीर जैसे प्रयोग किए जा रहे हैं।
वहीं, ड्रायफ्रूट्स लड्डू और रिफाइंड शुगर की जगह खांड से तैयार मिठाइयां भी विकल्प बन रही हैं। त्योहार में मीठे के स्वाद से कोई वंचित न रहे स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने वाले लोगों के लिए शुगर फ्री मिठाईयों में भी विकल्प प्रस्तुत किए गए है। ड्रायफ्रूट और शहद से बनें लड्डू भी खास है।