• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • लाइफस्टाइल

पटाखों के शोर में बेजुबानों की दीपावली, डर और दहशत में गुजरते हैं दिन-रात

पटाखों की अचानक होने वाली तेज आवाज से पशु घबरा जाते हैं। कई कुत्ते डर के कारण भौंकने लगते हैं, कुछ घरों में छिपने की जगह तलाशते हैं तो कुछ बाहर भागने की कोशिश करते हैं। इस दौरान उनके घायल होने, रास्ता भटकने और दुर्घटना का शिकार होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

By Priyank SharmaEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Sun, 08 Nov 2026 12:13:25 PM (IST)Updated Date: Sun, 08 Nov 2026 12:15:34 PM (IST)
  • को पसंदीदा स्रोत बनाएं preferred source google
पटाखों के शोर में बेजुबानों की दीपावली, डर और दहशत में गुजरते हैं दिन-रात
आतिशबाजी के शाेर से सहम जाते हैं कुत्‍ते।

HighLights

  1. कई कुत्ते डर के कारण भौंकने लगते हैं।
  2. कुछ घरों में छिपने की जगह तलाशते हैं।
  3. तो कुछ बाहर भागने की कोशिश करते हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। घरों में रोशनी, मिठाइयों की खुशबू और आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी...दीपावली की रात इंसानों के लिए खुशियों और उत्साह का प्रतीक होती है, लेकिन इसी रात शहर के बेजुबानों के लिए डर और दहशत का माहौल बन जाता है।

पटाखों की तेज आवाज से पालतू कुत्ते-बिल्लियां सहमकर घरों के कोनों में दुबक जाते हैं तो सड़कों पर रहने वाले आवारा पशु इधर-उधर भागने लगते हैं। जिन आवाजों को इंसान उत्सव का हिस्सा मानकर आनंद लेते हैं, वही आवाजें बेजुबान पशुओं के लिए तनाव और परेशानी का कारण बनती हैं।


पटाखों की अचानक होने वाली तेज आवाज से पशु घबरा जाते हैं। कई कुत्ते डर के कारण भौंकने लगते हैं, कुछ घरों में छिपने की जगह तलाशते हैं तो कुछ बाहर भागने की कोशिश करते हैं। इस दौरान उनके घायल होने, रास्ता भटकने और दुर्घटना का शिकार होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

बिल्लियां भी तेज आवाज से बचने के लिए बंद और सुरक्षित जगहों में छिप जाती हैं। वेटरनरी डाक्टर आरके मावई के अनुसार दीपावली के दौरान पालतू पशुओं के मालिकों के सामने उन्हें सुरक्षित रखने की चुनौती रहती है। पटाखे चलने के दौरान पालतू कुत्तों और बिल्लियों को घर के भीतर सुरक्षित कमरे में रखा जाए।

खिड़की-दरवाजे बंद रखें और उनके आसपास ऐसा माहौल बनाएं, जहां बाहरी शोर का असर कम हो। पशुओं को अकेला छोड़ने के बजाय उनके साथ रहना चाहिए। डरने पर उन्हें डांटने या जबरदस्ती बाहर निकालने से बचना चाहिए।

आवारा पशुओं के लिए बड़ी समस्या

पालतू पशुओं के लिए उनके मालिक सुरक्षा के इंतजाम कर लेते हैं, लेकिन सड़कों पर रहने वाले आवारा कुत्तों और मवेशियों की चिंता करने वाला कोई तय तंत्र नजर नहीं आता। पटाखों की आवाज से घबराकर ये पशु सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। ऐसे में वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। पशु प्रेमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सामने इन पशुओं को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर उपचार उपलब्ध कराने की चुनौती रहती है।

कुत्ते और बिल्लियों की सुनने की क्षमता इंसानों के मुकाबले कई गुना ज्यादा होती है। उन्हें जरा सी आहट भी सुनाई दे जाती है। ऐसे में दीपावली पर जब तेज आवाज के पटाखे चलते हैं, तो सुनने की यही खासियत उनके लिए हानिकारक हो जाती है। हर तेज आवाज पर वे घबरा जाते हैं। जरूरी है कि इन दिनों में अपने कुत्ते या बिल्ली को कमरे में बंद रखें। यदि वह ज्यादा घबरा रहा है, तो उसके कान में रुई डालकर कानों को कपड़े से बांध दें। इससे उन्हें कुछ राहत मिलेगी।

डाॅ. आरके मावई, वेटरनरी डाॅक्टर

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।