
लाइफस्टाइल डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में 'सिटिंग' यानी लंबे समय तक बैठना हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस कुर्सी पर आप दिन के 8 से 10 घंटे बिताते हैं, वह आपकी सेहत के लिए 'साइलेंट किलर' साबित हो सकती है? हेल्थ विशेषज्ञों ने अब "सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग" (बैठना धूम्रपान जितना ही खतरनाक है) का नारा देना शुरू कर दिया है। आइए समझते हैं कि कुर्सी से चिपके रहने की यह आदत आपके शरीर को किस तरह खोखला कर रही है और इससे बचने के क्या उपाय हैं।
एक शोध के मुताबिक, जो लोग दिन भर में 8 घंटे से ज्यादा बैठते हैं और कोई शारीरिक गतिविधि नहीं करते, उनमें मृत्यु का खतरा उतना ही होता है जितना कि एक चेन स्मोकर या मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति में। जब हम लगातार बैठे रहते हैं, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है, जिससे कई गंभीर बीमारियां घर करने लगती हैं।
ज्यादातर डेस्क जॉब्स में बैठना अनिवार्य होता है, लेकिन आप अपनी आदतों में कुछ छोटे बदलाव करके इस 'सिटिंग बीमारी' के असर को बेअसर कर सकते हैं।
1. 'मूवमेंट ब्रेक' का नियम बनाएं
हर 30 से 45 मिनट के काम के बाद अपनी सीट से उठें। ऑफिस में सहकर्मी से बात करने के लिए फोन या ईमेल के बजाय चलकर उनके पास जाएं। पानी पीने के लिए खुद उठकर जाएं।
2. बैठने की पोजीशन बदलें
एक ही मुद्रा में घंटों न बैठें। अपनी सीट की ऊंचाई को एडजस्ट करते रहें और समय-समय पर पैरों को स्ट्रेच करें। अगर संभव हो, तो स्टैंडिंग डेस्क का इस्तेमाल करें।
3. 'एक्टिव' वीकेंड का चुनाव
हफ्ते भर की थकान उतारने के लिए वीकेंड पर बिस्तर या सोफे पर लेटे रहना आपको और बीमार बना सकता है। इसकी जगह योगा, स्विमिंग, साइकलिंग या पार्क में वॉक को प्राथमिकता दें।
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4. एक्सरसाइज को न छोड़ें
भले ही आप दिन भर बैठते हों, लेकिन सुबह या शाम की 30 मिनट की कसरत आपके शरीर को उन लोगों से कहीं बेहतर स्थिति में रखती है जो बिल्कुल सक्रिय नहीं हैं।
आपका शरीर हिलने-डुलने के लिए बना है, स्थिर रहने के लिए नहीं। याद रखें, आपकी कुर्सी आरामदायक हो सकती है, लेकिन वह आपकी सेहत के लिए उतनी ही जोखिम भरी है। इसलिए "उठें, चलें और अपनी उम्र बढ़ाएं।"