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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dussehra 2025: दशहरे पर पान खाना सिर्फ प्रथा नहीं, यह रिश्तों में मिठास भी बढ़ाता है

दशहरे पर पान खाना एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जो रिश्तों में मिठास और सौभाग्य का प्रतीक है। पुराने समय में युद्ध जीतने के बाद राजा पान खिलाते थे। आज भी ल...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 02 Oct 2025 01:36:41 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Oct 2025 01:41:26 PM (IST)
Dussehra 2025: दशहरे पर पान खाना सिर्फ प्रथा नहीं, यह रिश्तों में मिठास भी बढ़ाता है
पान रिश्तों में घोल देता है मिठास। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. पान को सम्मान, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है।
  2. पान खाने से रिश्तों में मिठास और ताजगी बनी रहती है।
  3. दहशरे पर पान खाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। दशहरा का नाम सुनते ही आंखों के सामने रावण दहन का दृश्य, रामलीला के मंच पर जय श्रीराम के नारे मन में गूंजने लगते है। यह त्योहार सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि पूरे नवरात्र के उपवास और तपस्या का फल भी है। नौ दिन व्रत रखने के बाद जब विजयदशमी आती है तो लोग इसे पूरे जोश और उत्साह से मनाते हैं।

पूजा-पाठ के बाद लोग नए कपड़े पहनते हैं, रिश्तेदारों से मिलते हैं और इस दिन को खास बनाने पान खाते हैं। यह परंपरा कई सदियों से चली आ रही है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इस दिन पान क्यों खाया जाता है।


इसलिए खाया जाता है पान

पान खाने की परंपरा दशहरे पर खास मानी जाती है। पुराने समय में युद्ध जीतने के बाद राजा अपने सैनिकों को पान खिलाकर विजय का जश्न मनाते थे। आज भी कई जगह दशहरा के दिन लोग रावण दहन के बाद एक-दूसरे को पान खिलाकर गले मिलते हैं। पान को सम्मान, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है।

माना जाता है कि पान खाने से रिश्तों में मिठास और ताजगी बनी रहती है, इसके अलावा पान में मौजूद कत्था, सुपारी, लौंग जैसी चीजें पाचन शक्ति को बढ़ाने का काम करती हैं जो व्रत के बाद भारी भोजन खाने में मदद करती हैं।

दुकानों पर आज रात उमड़ेगी भीड़

दशहरे की शाम होते ही शहर की तमाम पान की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ना शुरू हो जाती है। इस भीड़ को संभालने के लिए दुकानदार अपना स्टाफ बढ़ा लेते हैं और सुबह से ही पान के पैकेट बनाकर फ्रिज में रख लेते है, जिससे पान ताजा रहे और लोगों को मांग के अनुसार उनको मिल सके।