
लाइफस्टाइल डेस्क। हाल ही में हुए एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने साफ किया है कि वायु प्रदूषण हमारी नियमित एक्सरसाइज के स्वास्थ्य लाभों को लगभग आधा कर देता है। लंदन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) की रिसर्च टीम ने यह निष्कर्ष 15 लाख से ज्यादा लोगों के लंबे समय तक किए गए विश्लेषण के बाद निकाला है।
शोध के अनुसार, PM 2.5 जैसे सूक्ष्म कण शरीर पर सीधा नुकसान पहुंचाते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि फेफड़ों के भीतर जाकर रक्त प्रवाह में घुस सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन क्षेत्रों में PM 2.5 का स्तर 25 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर या उससे अधिक था, वहाँ रहने वाले लोगों पर व्यायाम का सकारात्मक प्रभाव काफी कम हो गया।
दुनिया की लगभग 46% आबादी ऐसे इलाकों में रहती है, जहां प्रदूषण का स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर है।
अध्ययन में शामिल लोग जो सप्ताह में कम से कम ढाई घंटे व्यायाम करते थे, उनमें मृत्यु का जोखिम उन लोगों की तुलना में लगभग 30% कम पाया गया, जो पर्याप्त व्यायाम नहीं करते थे। लेकिन यदि यही लोग ज्यादा प्रदूषित क्षेत्रों में रहते थे, तो यह लाभ घटकर 12-15% रह गया। यानी, प्रदूषण उनकी मेहनत का आधे से भी ज्यादा असर कम कर देता है।
यूसीएल के व्यवहार विज्ञान एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रोफेसर एंड्रयू स्टेप्टो के अनुसार, हमारा अध्ययन दिखाता है कि जहरीली हवा व्यायाम के फायदों को काफी हद तक सीमित कर देती है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि ऐसी स्थिति में व्यायाम के कोई लाभ नहीं मिलते।