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एक्शन में तुकाराम मुंढे, 4700 किलो नकली मावा जब्त! आपकी सेहत बिगाड़ सकता है सिंथेटिक मावा; जानिए इसके नुकसान

त्योहारों का सीजन शुरू होते ही मिठाइयों में मिलावटखोरी के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अपना शिकंजा कस दिया है। FDA कमिश्नर तुकाराम...और पढ़ें

By Akriti TiwaryEdited By: Akriti Tiwary
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 05:47:59 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 05:47:59 PM (IST)
एक्शन में तुकाराम मुंढे, 4700 किलो नकली मावा जब्त! आपकी सेहत बिगाड़ सकता है सिंथेटिक मावा; जानिए इसके नुकसान
त्योहारी सीजन के दौरान महाराष्ट्र FDA की मिलावटी मावे और नकली मिठाइयों पर कार्रवाई।

हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसी के साथ मिलावट को लेकर भी खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी बढ़ जाती है। महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की कार्रवाई तेज हो गई है। FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे की टीम ने संभाजीनगर के शहनूर मियां दरगाह परिसर से करीब 4,765 किलो ‘मावा जैसा’ मिठाई प्रोडक्ट जब्त किया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 7.67 लाख बताई गई है।

FDA के मुताबिक, यह प्रोडक्ट शुद्ध मावा यानी खोया नहीं था, बल्कि पाम ऑयल, वनस्पति और चीनी से तैयार किया गया था। विभाग का कहना है कि कुछ निर्माता कम लागत में ऐसे विकल्प तैयार कर उन्हें असली मावे से बनी मिठाई के तौर पर बेचते हैं। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में खेप को भेजने वाले सप्लायर और इसे मंगाने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही गई है।


पाम ऑयल और वनस्पति वाली मिठाई खाने से क्या नुकसान हो सकता है?

यह समझना जरूरी है कि पाम ऑयल या वनस्पति का इस्तेमाल हर स्थिति में जहरीला या अवैध नहीं होता। समस्या तब होती है जब किसी प्रोडक्ट की सामग्री के बारे में गलत जानकारी दी जाए, घटिया गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल हो या उसमें ऐसे फैट की मात्रा ज्यादा हो जो लंबे समय तक अधिक सेवन करने पर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

FSSAI के अनुसार, वनस्पति जैसे कुछ प्रोडक्टों में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक हो सकती है। ट्रांस फैट का अधिक सेवन हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अन्य गैर-संचारी बीमारियों के जोखिम से जुड़ा है। (FSSAI)

वहीं, अगर मिठाई को अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार या स्टोर किया गया हो, तो उसमें बैक्टीरिया और दूसरे माइक्रोबियल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। WHO के मुताबिक दूषित भोजन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, मतली और बुखार जैसे लक्षण हो सकते हैं। गंभीर मामलों में डिहाइड्रेशन और अन्य जटिलताएं भी हो सकती हैं। (World Health Organization)

सिर्फ मिलावट ही नहीं, बासी मिठाई भी बन सकती है परेशानी की वजह

त्योहारों पर मिठाई खरीदते समय केवल रंग और स्वाद देखकर उसकी ताजगी तय करना सही नहीं है। खासकर खोया, बर्फी, कलाकंद, रसगुल्ला, रस मलाई और दूसरी दूध से बनी मिठाइयों की शेल्फ लाइफ अपेक्षाकृत कम होती है।

FSSAI की गाइडलाइन के मुताबिक दूध से बनी कई मिठाइयों की शेल्फ लाइफ करीब 1 से 4 दिन तक हो सकती है, जबकि कुछ सूखी मिठाइयां इससे ज्यादा समय तक चल सकती हैं। उदाहरण के लिए कलाकंद को उसी दिन खाने की सलाह दी गई है, जबकि कई बंगाली मिठाइयों की शेल्फ लाइफ करीब 2 दिन और कई खोया मिठाइयों की करीब 4 दिन बताई गई है। यह अवधि प्रोडक्ट और उसके स्टोरेज पर निर्भर करती है। (FSSAI)

बासी मिठाई पहचानने के संकेत

खरीदते समय इन बातों पर ध्यान दें-

  • खट्टी या अजीब गंध आ रही हो तो मिठाई न खरीदें।
  • दूध वाली मिठाई में असामान्य चिपचिपापन या बहुत ज्यादा पानी छोड़ना खराब होने का संकेत हो सकता है।
  • रंग अगर बहुत ज्यादा बदला हुआ, फीका या असामान्य दिख रहा है तो सावधान रहें।
  • सतह पर फफूंदी, धब्बे या असामान्य परत दिखाई दे तो मिठाई न खाएं।
  • स्वाद में खट्टापन, कड़वाहट या सामान्य से अलग स्वाद महसूस हो तो उसे तुरंत छोड़ दें।
  • मिठाई लंबे समय तक खुले में पड़ी हो या उचित तापमान पर स्टोर न की गई हो तो उससे बचना बेहतर है।

हालांकि, केवल देखकर या सूंघकर हर तरह की माइक्रोबियल मिलावट का पता नहीं लगाया जा सकता। इसलिए सिर्फ आंखों से जांच को सुरक्षा की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

मिठाई खरीदते समय सबसे पहले ये 7 चीजें देखें

1. बनने की तारीख और Best Before देखें

FSSAI ने निर्देश दिया है कि पैक्ड मिठाइयों पर मैन्युफैक्चरिंग डेट और Best Before/Use By जैसी जानकारी होनी चाहिए। वहीं खुले में बिकने वाली मिठाइयों के कंटेनर या ट्रे पर भी निर्माण की तारीख और Best Before की जानकारी प्रदर्शित की जानी चाहिए। (FSSAI)

2. दुकान की साफ-सफाई देखें

मिठाई खुली धूल, मक्खियों या गंदगी के बीच रखी हो तो खरीदने से बचें। FSSAI की हाइजीन गाइडलाइंस में मिठाइयों को ढककर रखने और उनकी प्रकृति के अनुसार उचित तापमान पर रखने पर जोर दिया गया है। (Hygiene Rating)

3. बहुत तेज रंग वाली मिठाई से सावधान रहें

असामान्य रूप से चमकीला या बहुत तेज रंग देखकर तुरंत उसे मिलावटी कहना सही नहीं है, लेकिन खरीदते समय इस्तेमाल किए गए रंग और सामग्री की जानकारी जरूर देखें।

4. दूध वाली मिठाई को ज्यादा दिनों के लिए न रखें

रस मलाई, रसगुल्ला, कलाकंद, छेना आधारित मिठाइयां और कई खोया मिठाइयां जल्दी खराब हो सकती हैं। इन्हें खरीदने के बाद उचित तरीके से स्टोर करें और तय शेल्फ लाइफ के भीतर ही खाएं। (FSSAI)

5. बहुत सस्ती मिठाई पर सवाल करें

अगर किसी मिठाई की कीमत सामान्य बाजार कीमत से असामान्य रूप से कम है, तो उसकी सामग्री और गुणवत्ता के बारे में दुकानदार से पूछें। केवल कम कीमत के आधार पर उसे मिलावटी नहीं कहा जा सकता, लेकिन जानकारी लेना जरूरी है।

6. पैक्ड मिठाई में लेबल जरूर पढ़ें

एक्सपायरी और FSSAI से जुड़ी जानकारी देखें।

7. खरीद का बिल रखें

अगर मिठाई की गुणवत्ता को लेकर बाद में शिकायत करनी पड़े तो बिल या खरीद की जानकारी उपयोगी हो सकती है।

मिठाई खाने के बाद तबीयत बिगड़े तो किन लक्षणों पर ध्यान दें?

दूषित या खराब भोजन खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी, दस्त, मतली और बुखार जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। कुछ मामलों में दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी हो सकता है।

अगर लगातार उल्टी-दस्त हों, खून वाला दस्त आए, तेज कमजोरी हो, पानी न पी पा रहे हों या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

त्योहारों में मिठाई खाते समय रखें ये सावधानियां

त्योहार में मिठाई पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। विश्वसनीय दुकान से मिठाई खरीदें, दूध वाली मिठाइयों को लंबे समय तक स्टोर न करें और शक होने पर उसे खाने से बचें।

FSSAI की गाइडलाइन भी बताती है कि दूध आधारित मिठाइयां सीमित शेल्फ लाइफ वाली होती हैं और लंबे समय तक रखने पर माइक्रोबियल ग्रोथ का खतरा बढ़ सकता है। (FSSAI)