इंदौर त्रासदी के बाद बढ़ा अलर्ट, नगर निगम का पानी साफ है या नहीं? इन आसान स्टेप्स से पहचानें दूषित जल
Indore Water Safety: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई 15 मौतों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन की जांच में सामने आया कि सीवर का गंद ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 03 Jan 2026 03:40:17 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Jan 2026 03:40:17 PM (IST)
इंदौर त्रासदी के बाद बढ़ा अलर्ट। (AI जेनेरेटेड)HighLights
- पीने के पानी में घुली है मौत!
- खुद बनें अपनी सेहत के गार्ड
- आसान स्टेप्स से पहचानें पानी
लाइफस्टाइल डेस्क। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई 15 मौतों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन की जांच में सामने आया कि सीवर का गंदा पानी पेयजल पाइपलाइन में मिल गया था, जिससे लोग अनजान बने रहे। यह घटना चेतावनी है कि हम जिस पानी को पी रहे हैं, वह पारदर्शी दिखने के बावजूद जानलेवा हो सकता है। ऐसे में 'वॉटर टेस्टिंग किट' और कुछ घरेलू उपायों के माध्यम से आप अपने घर आने वाले पानी की शुद्धता सुनिश्चित कर सकते हैं।
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पानी की जांच के लिए कौन सी किट है जरूरी?
पानी में मौजूद अदृश्य खतरों को पहचानने के लिए बाजार में कई तरह की किट्स उपलब्ध हैं:
- कोलीफॉर्म और ई-कोलाई टेस्ट किट: यह सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट है। यह पानी में सीवर की गंदगी से पैदा होने वाले बैक्टीरिया का पता लगाता है। इसके नतीजे आने में 18-24 घंटे लगते हैं, लेकिन यह 90% तक सटीक जानकारी देता है।
क्लोरीन टेस्टिंग किट: नगर निगम अक्सर कीटाणुओं को मारने के लिए पानी में क्लोरीन मिलाता है। यदि किट में पानी का रंग बदलता है, तो इसका मतलब है कि पानी में क्लोरीन मौजूद है और वह पीने के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित है।
टर्बिडिटी (गंदलापन) टेस्ट ट्यूब: यदि पाइपलाइन में लीकेज है, तो पानी में मिट्टी या अन्य कण मिल जाते हैं। यह ट्यूब पानी के धुंधलेपन की जांच करती है। ![naidunia_image]()
TDS मीटर: क्या है सही पैमाना?
TDS (Total Dissolved Solids) मीटर यह बताता है कि पानी में कितने खनिज पदार्थ और लवण घुले हुए हैं।
TDS स्तर (mg/L) - गुणवत्ता
300 से कम - उत्कृष्ट (शुद्ध)
300 - 600 - पीने योग्य (अच्छा)
600 - 900 - संतोषजनक (स्वाद में बदलाव)
900 से अधिक - असुरक्षित (सेहत के लिए हानिकारक)
घर पर कैसे करें जांच?
- सैंपल लें: एक साफ कांच के गिलास या बर्तन में पानी भरें।
- रंग और गंध: पानी को धूप में रखकर देखें कि उसमें कोई तैरते हुए कण तो नहीं हैं। पानी को सूंघकर देखें, यदि सीवर या सड़े हुए अंडे जैसी गंध आ रही है, तो वह दूषित है।
- किट का उपयोग: कोलीफॉर्म किट को पानी में डालकर छोड़ दें। यदि 24 घंटे में पानी का रंग बदल जाता है, तो उसमें खतरनाक बैक्टीरिया हैं।
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क्या केवल पानी उबालना काफी है?
अकसर माना जाता है कि पानी उबालने से वह पूरी तरह शुद्ध हो जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि उबालने से बैक्टीरिया तो मर जाते हैं, लेकिन पानी में मौजूद केमिकल्स (जैसे लेड, आर्सेनिक) और भारी धातुएं उबलने के बाद भी नहीं खत्म होतीं। यदि पानी में रासायनिक प्रदूषण की आशंका है, तो उसे लैब टेस्टिंग के लिए भेजना ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प है।