
लाइफस्टाइल डेस्क। त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर रौनक बढ़ जाती है। नए कपड़े, स्मार्टफोन, मेकअप, जूते और घर की सजावट जैसी चीजों की खरीदारी शुरू हो जाती है। इस दौरान कई ऑफर्स और आसान पेमेंट विकल्प भी लोगों को आकर्षित करते हैं। इन्हीं में एक है Buy Now, Pay Later (BNPL), यानी अभी सामान खरीदना और उसका भुगतान बाद में करना।
यह सुविधा खासकर उन लोगों को पसंद आ सकती है, जो एक साथ पूरी रकम खर्च करने के बजाय बाद में भुगतान करना चाहते हैं। लेकिन क्या आसान पेमेंट की सुविधा GenZओं को जरूरत से ज्यादा खर्च करने के लिए भी प्रेरित कर सकती है?
Buy Now, Pay Later एक तरह की क्रेडिट सुविधा है, जिसमें ग्राहक सामान खरीदते समय पूरा भुगतान नहीं करता। इसके बजाय उसे तय समय पर रकम चुकानी होती है या उपलब्ध विकल्पों के अनुसार किस्तों में भुगतान करना होता है। इसकी शर्तें सेवा देने वाली कंपनी और योजना के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं।
फेस्टिव सीजन में कपड़ों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक की खरीदारी के लिए इस तरह के विकल्प सामने आते हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड की 17 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारों के दौरान BNPL और जीरो-कॉस्ट EMI जैसे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ा है। हालांकि, इन विकल्पों का फायदा उठाने से पहले उनकी शर्तों को समझना जरूरी है।
मान लीजिए कि किसी GenZ को त्योहार के लिए 8,000 रुपए का आउटफिट पसंद आता है, लेकिन उसके पास फिलहाल पूरी रकम खर्च करने का बजट नहीं है। अगर उसे बाद में भुगतान करने का विकल्प मिलता है, तो वह खरीदारी का फैसला जल्दी ले सकता है। ऐसे में वह यह सोच सकता है कि अभी सामान खरीद लेते हैं और भुगतान बाद में कर देंगे।
यहीं पर खर्च करने की आदतों का सवाल सामने आता है। जब भुगतान तुरंत नहीं करना पड़ता, तो कुछ लोगों को खरीदारी का आर्थिक बोझ कम महसूस हो सकता है। इससे बिना पहले से योजना बनाए सामान खरीदने की संभावना बढ़ सकती है।
भारत में GenZ उपभोक्ताओं पर हुई एक रिसर्च में BNPL के इस्तेमाल और इम्पल्स बाइंग यानी अचानक खरीदारी करने की प्रवृत्ति के बीच संबंध पाया गया है। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि हर GenZ BNPL के कारण ज्यादा खर्च करता है। खरीदारी की आदतें, आमदनी और व्यक्तिगत बजट भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर नए आउटफिट, मेकअप, गैजेट्स और डेकोरेशन से जुड़े वीडियो खूब दिखाई देते हैं। इन्फ्लुएंसर्स के फेस्टिव लुक और ऑनलाइन सेल के ऑफर्स देखकर लोगों का भी वैसी चीजें खरीदने का मन हो सकता है।
ऐसे में अगर किसी प्रोडक्ट पर डिस्काउंट के साथ आसान किस्तों का विकल्प भी मिले, तो खरीदारी का फैसला और आसान लग सकता है। कई बार लोग जरूरत से ज्यादा सामान सिर्फ इसलिए खरीद लेते हैं क्योंकि ऑफर सीमित समय के लिए होता है या उन्हें लगता है कि बाद में यह मौका नहीं मिलेगा।
हालांकि, त्योहार पर खरीदारी करना या अपनी पसंद की चीज खरीदकर खुशी महसूस करना गलत नहीं है। परेशानी तब हो सकती है, जब खरीदारी का फैसला बजट और जरूरत के बजाय केवल ऑफर या तुरंत मिलने वाली खुशी के आधार पर होने लगे।
Buy Now, Pay Later का इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है-
आसान पेमेंट विकल्प खरीदारी को सुविधाजनक बना सकते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल सोच-समझकर करना जरूरी है। त्योहार की खुशी तभी लंबे समय तक बनी रह सकती है, जब खरीदारी के बाद बजट और आने वाले खर्चों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।