नईदुनिया डिजिटल। भारतीय रसोई में मसालों का अपना अलग ही महत्व है। इन्हीं में से एक है अजवाइन (Ajwain), जिसे लोग अक्सर तड़के या पराठों में इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि अजवाइन केवल स्वाद बढ़ाने का काम ही नहीं करती, बल्कि यह सेहत के लिए भी किसी आयुर्वेदिक दवा से कम नहीं है। अजवाइन के नियमित और सही सेवन से कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
अजवाइन का सबसे बड़ा फायदा है कि यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है। इसमें मौजूद थाइमोल (Thymol) तत्व पाचन एंजाइम को एक्टिव करता है, जिससे गैस, अपच और एसिडिटी की समस्या दूर होती है।
जिन लोगों को बार-बार पेट में गैस या भारीपन की समस्या रहती है, उनके लिए अजवाइन रामबाण है। एक चुटकी अजवाइन नमक के साथ लेने से तुरंत राहत मिलती है।
आजकल मोटापा एक आम समस्या बन चुकी है। सुबह खाली पेट अजवाइन का पानी पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर में जमी अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
अजवाइन में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अजवाइन को पानी में उबालकर उसका काढ़ा पीने से खांसी-जुकाम में राहत मिलती है और गले की खराश भी दूर होती है।
अक्सर बढ़ती उम्र में लोगों को गठिया और जोड़ों में दर्द की समस्या होती है। अजवाइन का तेल दर्द वाली जगह पर लगाने से सूजन कम होती है और दर्द में आराम मिलता है।
अजवाइन का सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद मिनरल्स दिल की सेहत के लिए लाभकारी हैं और हार्ट अटैक का खतरा कम करते हैं।
अजवाइन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। नियमित सेवन से मौसमी बीमारियां जैसे सर्दी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन आदि जल्दी नहीं होते।
1. अजवाइन पानी - रात में एक गिलास पानी में 1 चम्मच अजवाइन भिगो दें। सुबह इसे छानकर खाली पेट पी लें।
2. अजवाइन-शहद - खांसी और गले की खराश में अजवाइन पाउडर में शहद मिलाकर खाना लाभकारी है।
3. नमक के साथ - गैस और अपच में अजवाइन को सेंधा नमक के साथ चबाने से तुरंत राहत मिलती है।
4. अजवाइन का काढ़ा - सर्दी-जुकाम में अजवाइन, तुलसी और अदरक का काढ़ा बेहद असरदार है।
नोट- अगर आप किसी गंभीर समस्या से पीड़ित हैं, तो अजवाइन का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।