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नुकीले दांत से गाल का घाव हो गया तो इग्‍नोर ना करें, हार्ट तक पहुंच सकते हैं बैक्टीरिया

मुंह के अंदर पनपने वाले कुछ बैक्टीरिया और हार्ट को प्रभावित करने वाले बैक्टीरिया एक जैसे हो सकते हैं। जब दांतों या मसूड़ों में क्रानिक इन्फेक्शन होता ...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 10:20:00 AM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 10:20:55 AM (IST)
नुकीले दांत से गाल का घाव हो गया तो इग्‍नोर ना करें, हार्ट तक पहुंच सकते हैं बैक्टीरिया
मुंह से फैलता है बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन।

HighLights

  1. दंत रोग विशेषज्ञ अनुज भार्गव ने दिए सवालों के जवाब।
  2. सही तरीके से चबाकर खाने से पाचन रहता है दुरुस्त।
  3. शुगर-बीपी न हो तो 90% सफल होते हैं डेंटल इंप्लांट।

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दांतों की सेहत का सीधा संबंध हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य से है। अगर आपके मुंह में कोई नुकीला दांत बार-बार गाल को छील रहा है, तो इसे हल्के में न लें, लगातार होने वाला यह घाव भविष्य में मुंह के कैंसर का रूप ले सकता है।

इसके अलावा, दांतों और मसूड़ों में पनपने वाले हानिकारक बैक्टीरिया खून के जरिए हृदय तक पहुंचकर गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसलिए ओरल हाइजीन को बनाए रखना बेहद जरूरी है।

नवदुनिया के विशेष कार्यक्रम हेलो डाॅक्टर में शहर के जाने-माने दंत चिकित्सक और जीएमसी के दंत शल्य चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष अनुज भार्गव ने फोन के माध्यम से पाठकों की समस्याओं को सुना और उनके उचित चिकित्सकीय समाधान बताए।

उन्होंने कहा कि दांतों का काम सिर्फ चेहरे की सुंदरता बढ़ाना नहीं है, बल्कि भोजन को सही तरीके से चबाकर पाचन तंत्र को मजबूत बनाना भी है।

मुंह के बैक्टीरिया और हार्ट का कनेक्शन

अनुज ने बताया कि हार्ट के मरीजों को अपने दांतों का बहुत ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। दरअसल, मुंह के अंदर पनपने वाले कुछ बैक्टीरिया और हार्ट को प्रभावित करने वाले बैक्टीरिया एक जैसे हो सकते हैं। जब दांतों या मसूड़ों में क्रानिक इन्फेक्शन होता है, तो ये बैक्टीरिया रक्त प्रवाह के जरिए पूरी बाडी में सर्कुलेट होने लगते हैं। शरीर का जो भी अंग या हिस्सा कमजोर होता है, ये बैक्टीरिया वहां अटैक कर देते हैं। इसलिए लंबे समय तक दांतों की बीमारियों को टालना हृदय रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।


डिजिटल ओपीजी और जिरकोनिया कैप

अनुज ने बताया कि दांतों की किसी भी गंभीर समस्या या पुराने रूट कैनाल की वर्तमान स्थिति जांचने के लिए हमेशा दांतों का डिजिटल ओपीजी करवाना चाहिए। इससे दांतों और जड़ों की सटीक स्थिति का पता चलता है। डाक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि मरीज को शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी कोई अन्य गंभीर बीमारी नहीं है, तो डेंटल इम्पलांट 90 प्रतिशत तक पूरी तरह सफल रहता है।

पाठकों के सवाल और जवाब

सवाल: मेरे दांतों में पायरिया हो गया था, कभी-कभी आगे के दांत दर्द करते हैं। - राजीव भार्गव, बैरसिया

जवाब: यह आपकी बीमारी का मेंटेनेंस फेस है। आपको नियमित रूप से कुल्ला करने वाली दवा (माउथवाश) का उपयोग करना चाहिए। इसका इस्तेमाल हमेशा ब्रश करने के बाद ही करें। ध्यान रहे कि माउथवाश का उपयोग करने के बाद अगले आधे घंटे तक कुछ भी खाएं या पिएं नहीं। यह दवा किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाएगी। इसके अलावा हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए विटामिन-डी और कैल्शियम का उपयोग करें। एक बार अपने खून की जांच भी जरूर करा लें। फिलहाल आपको कोई विशेष टूथपेस्ट नहीं, बल्कि सामान्य पेस्ट ही इस्तेमाल करना है।

सवाल: मेरी उम्र 70 साल है। मैंने पूरे दांत निकलवाकर तीन माह पहले बत्तीसी लगवाई थी। वह सेट नहीं हो पा रही है और मैं उसे पहन नहीं पा रहा हूं। - ओमप्रकाश मालवीय, कटारा हिल्स

जवाब: बढ़ती उम्र के साथ जबड़े की हड्डियों में परिवर्तन आता है, जिससे बत्तीसी ढीली हो सकती है। अगर बत्तीसी थोड़ी बहुत भी सेट हो रही है तो उसका उपयोग जरूर करें। निवाले को छोटा करके खाएं, रोटी के छोटे टुकड़े बनाएं और पीछे की बत्तीसी को दोनों ओर से चबाने के लिए उपयोग करें। दोनों ओर बराबर दबाव पड़ना चाहिए। खाने की स्पीड कम करें और धीरे-धीरे चबाएं। भोजन के बीच में पानी न पिएं। अगर बत्तीसी पूरी तरह से ढीली हो गई है तो उसे बदलवाकर नई लगवा लें। अगर कम ढीली है, तो डेंचर को फिक्स करने वाला एक चिपचिपा पदार्थ बाजार में आता है, उसे लगाएं। दांतों का काम सिर्फ दिखाना नहीं, चबाना भी है। सही तरह से चबाया गया भोजन आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाता है।

सवाल: उम्र 54 साल है। नीचे के सारे दांत दर्द करते हैं। दवा खाता हूं तो आराम मिल जाता है, लेकिन असर खत्म होते ही दर्द फिर से शुरू होने लगता है। - कमलसिंह चौहान, कोटरा सुल्तानाबाद

जवाब: सिर्फ दर्द निवारक दवाइयां खाना कोई स्थायी इलाज नहीं है। आपको तुरंत दंत चिकित्सक को क्लिनिक जाकर दिखाना चाहिए ताकि दर्द के मूल कारण (जड़ में इन्फेक्शन या कैविटी) का पता लगाकर उसका सटीक इलाज किया जा सके।

सवाल: मेरी उम्र 85 साल है। मेरी दाढ़ से गाल छिल जाता है। मैं दोनों ओर से एक साथ नहीं खा पाता हूं। यह समस्या चार साल से है, हालांकि मैं दाल-रोटी और सादा खाना ही खाता हूं। - दुर्गा प्रसाद शर्मा, कलारा गांव

जवाब: इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। जो दांत चुभ रहा है, या तो उसे घिसवा कर चिकना करा लें या फिर उसे निकलवाना बहुत जरूरी है। गाल में किसी भी तरह की नुकीली चीज लगातार नहीं लगनी चाहिए। लंबे समय तक गाल छिलने से वहां न भरने वाला घाव बन सकता है, जो आगे चलकर ओरल कैंसर का कारण बन सकता है। तुरंत इसका उपचार कराएं।

सवाल: उम्र 80 साल है। चार साल पहले नकली दांत लगवाए थे। अब ऊपर और नीचे के दांत जब मिलते हैं तो दर्द होता है और मसूड़ों में सूजन भी आ जाती है। - जीवन राम, बैरसिया

जवाब: यह समस्या दोनों दांतों में होने वाले गलत टकराव की वजह से हो रही है। नकली और असली दांतों के बीच असमान टकराव होने से मसूड़ों पर अनुचित दबाव पड़ रहा है, जिससे सूजन और दर्द है। इसके लिए आप दांत के डाक्टर को प्रत्यक्ष रूप से दिखाएं। वे दांतों की अलाइनमेंट सेट करके इस टकराव को ठीक कर देंगे।