
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। मुंह का कैंसर शुरुआती अवस्था में पहचान लिया जाए तो उपचार के बेहतर विकल्प उपलब्ध रहते हैं। तंबाकू, गुटखा, सुपारी, बीड़ी और सिगरेट का सेवन इसका प्रमुख जोखिम कारक है।
मुंह में लंबे समय तक रहने वाला छाला, सफेद या लाल दाग, गांठ, मुंह खोलने में परेशानी, चबाने या निगलने में कठिनाई और बिना कारण खून आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बुधवार को नईदुनिया हेलो डाॅक्टर कार्यक्रम में जिला अस्पताल के सर्जन गोपाल यादव (एमबीबीएस, एमएस सर्जरी) ने मुंह के कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
यादव ने बताया कि हर छाला कैंसर नहीं होता, लेकिन जो छाला लंबे समय तक ठीक न हो या बार-बार हो, उसकी चिकित्सकीय जांच जरूरी है। संदिग्ध घाव की स्थिति में डाॅक्टर जरूरत के अनुसार जांच और बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं। कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू और सुपारी जैसे पदार्थों से दूरी बनाना महत्वपूर्ण है।
सवाल : गुटखा चबाने की आदत है, लेकिन गुटखे के साथ तंबाकू सेवन नहीं करते। क्या कैंसर हो सकता है? — सद्दाम कुरैशी, हाट रोड
जवाब : यदि उत्पाद वास्तव में तंबाकू-मुक्त है, तब भी इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। सुपारी या एरिका नट का सेवन मुंह के कैंसर सहित अन्य मुंह संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए गुटखा, सुपारी और तंबाकू वाले सभी उत्पादों से दूरी रखना बेहतर है। मुंह में कोई बदलाव दिखे तो डाक्टर से जांच कराएं।
सवाल : मुंह के कैंसर को पहचानेंगे कैसे, लक्षण क्या होंगे? — सुनील शर्मा, शहीद चौक
जवाब : लंबे समय तक रहने वाला छाला, सफेद या लाल दाग, मुंह में गांठ या मोटापन, बार-बार खून आना, दर्द या जलन, चबाने-निगलने में परेशानी, आवाज में बदलाव, मुंह कम खुलना और गर्दन में गांठ जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो दंत चिकित्सक, ईएनटी या सर्जन से जांच करानी चाहिए।
सवाल : गुटखा, तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट छोड़ना कैसे है? क्या इलाज है? — गौरव सोलंकी, रत्तागिरी
जवाब : इसे छोड़ने के लिए पहले निश्चित लक्ष्य तय करें और जरूरत पड़ने पर डाक्टर या काउंसलर की मदद लें। तलब और बेचैनी जैसे निकासी लक्षण हो सकते हैं। चिकित्सकीय सलाह से निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी या कुछ दवाओं का उपयोग किया जा सकता है। परिवार का सहयोग और तलब आने पर खुद को व्यस्त रखना भी मददगार है। दोबारा सेवन हो जाए तो प्रयास बंद न करें।
सवाल : लंबे समय से मुंह में छाले हैं। कैंसर से बचाव क्या करें और कौन सी जांच करवाएं? - अक्षय मेहता, रतलाम
जवाब : लंबे समय से रहने वाले छाले की डाक्टर या दंत चिकित्सक से जांच कराएं। हर छाले के लिए एक जैसी जांच जरूरी नहीं होती। यदि घाव संदिग्ध या ठीक नहीं हो रहा है तो विशेषज्ञ बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं। तंबाकू, गुटखा, सुपारी, बीड़ी और सिगरेट छोड़ना बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है।