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थायराइड के लक्षण दिखने पर कराना चाहिये टी3 और टी4 की जांच

लगातार थकान, कमजोरी, वजन बढ़ना या कम होना, ठंड या गर्मी अधिक लगना, नींद में बदलाव, दिल की धड़कन तेज होना, कब्ज, चिड़चिड़ापन या एकाग्रता में कमी जैसे ल...और पढ़ें

By Jaydeep GurjarEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 11:29:32 AM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 11:35:14 AM (IST)
थायराइड के लक्षण दिखने पर कराना चाहिये टी3 और टी4 की जांच
थायराइड की समस्‍या होने पर क्‍या करें।

HighLights

  1. वजन में बदलाव को नजरअंदाज न करें।
  2. -थायराइड को लेकर पाठकों के सवाल।
  3. विशेषज्ञ सोहनसिंह मंडलोई ने दिए जवाब।

लाइफस्‍टाइल डेस्‍क। थायराइड की समस्या आज तेजी से सामने आ रही है। कई बार इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें सामान्य कमजोरी, तनाव या खानपान में बदलाव का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लगातार थकान, कमजोरी, वजन बढ़ना या कम होना, ठंड या गर्मी अधिक लगना, नींद में बदलाव, दिल की धड़कन तेज होना, कब्ज, चिड़चिड़ापन या एकाग्रता में कमी जैसे लक्षण थायराइड की गड़बड़ी से जुड़े हो सकते हैं। इसके लिए चिकित्सकीय जांच और रक्त परीक्षण जरूरी होते हैं।

सामान्य तौर पर टीएसएच के साथ जरूरत के अनुसार टी3 और टी4 की जांच कराई जाती है। बीमारी के प्रकार और कारण के अनुसार उपचार तय होता है। नईदुनिया के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में शासकीय मेडिकल कॉलेज के सह प्राध्यापक डाॅ. सोहन सिंह मंडलोई ने पाठकों के थायराइड से जुड़े सवालों के जवाब दिए।


सवाल और जवाब-

सवाल :मेरी उम्र बढ़ रही है और लगातार थकान महसूस होती है। क्या यह थायराइड का लक्षण हो सकता है?- अनिल रायकवार, रिंगनोद

जवाब : थकान थायराइड की समस्या में हो सकती है, लेकिन केवल थकान के आधार पर थायराइड की बीमारी नहीं कही जा सकती। हाइपोथायराइड में थकान के साथ वजन बढ़ना, ठंड अधिक लगना, कब्ज, त्वचा का सूखना और एकाग्रता में कमी जैसे लक्षण हो सकते हैं। यदि थकान लगातार बनी हुई है तो डाक्टर से परामर्श लेकर टीएसएच और जरूरत के अनुसार टी4 की जांच करानी चाहिए। जांच रिपोर्ट और लक्षणों के आधार पर ही उपचार तय किया जाता है।

सवाल : थायराइड की जांच कौन-सी करानी चाहिए और क्या केवल टीएसएच से बीमारी का पता चल जाता है?

- भंवरलाल बाफना, रतलाम

जवाब : थायराइड की जांच में टीएसएच महत्वपूर्ण प्रारंभिक परीक्षण है। जरूरत के अनुसार डाक्टर टी4 और कुछ मामलों में टी3 की जांच भी कराते हैं। यदि आटोइम्यून बीमारी की आशंका हो तो एंटीबाडी की जांच भी कराई जा सकती है। केवल किसी एक रिपोर्ट को देखकर स्वयं बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। व्यक्ति के लक्षण, उम्र, अन्य बीमारियां और दवाओं को ध्यान में रखकर डाक्टर रिपोर्ट की व्याख्या करते हैं।

सवाल : थायराइड होने पर खानपान में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? क्या आयोडीन ज्यादा लेना फायदेमंद है?- लक्ष्मीनारायण वागले, सुखेड़ा

जवाब : थायराइड के मरीज को संतुलित और सामान्य पौष्टिक आहार लेना चाहिए। बिना डाक्टर की सलाह के आयोडीन की गोलियां या सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। कुछ आटोइम्यून थायराइड रोगों में अधिक मात्रा में आयोडीन नुकसान भी कर सकता है। इसलिए खानपान में किसी एक चीज को बहुत ज्यादा शामिल करने के बजाय डाक्टर की सलाह के अनुसार आहार रखें। यदि दवा चल रही है तो उसे नियमित लें और समय-समय पर रक्त जांच कराकर दवा की मात्रा डाक्टर से तय कराएं।

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सवाल : क्या थायराइड की दवा शुरू होने के बाद उसे जीवनभर लेना पड़ता है?- मोहित राज सिंह, कस्तूरबा नगर

जवाब : यह बीमारी के प्रकार और कारण पर निर्भर करता है। हाइपोथायराइड में शरीर पर्याप्त थायराइड हार्मोन नहीं बना पाता, इसलिए लेवोथायराक्सिन जैसी हार्मोन रिप्लेसमेंट दवा दी जाती है। कई मरीजों को यह लंबे समय तक या जीवनभर लेनी पड़ सकती है। दवा की मात्रा रक्त जांच के आधार पर तय की जाती है और समय-समय पर जांच जरूरी होती है। दवा को अपनी इच्छा से बंद या उसकी मात्रा कम-ज्यादा नहीं करना चाहिए।