
लाइफस्टाइल डेस्क। वर्तमान में अस्पतालों में वायरल सहित अन्य बीमारियों से पीडि़त मरीज आ रहे हैं। बेशक ये मरीज डेंगू के नहीं हैं, लेकिन लोगों के खून से प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। लेकिन घर व बाजार में ऐसी नेचुरल चीजें उपलब्ध हैं, जिनके सेवन से न केवल प्लेटलेट्स में सुधार आ सकता है, बल्कि इम्युनिटी भी बढ़ जाएगी। जिससे आप प्लेटलेट्स की रिकवरी कर सकते हैं।
इसके साथ ही मौसम में बदलाव के साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू के मामलों का खतरा मंडराने लगा है। डेंगू एडीज नामक संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलने वाला एक खतरनाक बुखार है, जिसमें मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स का स्तर बहुत तेजी से गिरता है। यदि सही समय पर डाॅक्टरी सलाह और सही खान-पान न मिले, तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।
डेंगू का अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे और सिर में दर्द, जोड़ों व मांसपेशियों में खिंचाव और अत्यधिक कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं। चूंकि डेंगू का कोई विशिष्ट एंटीवायरल इलाज नहीं है, इसलिए डाॅक्टर लक्षणों के आधार पर दवाएं देते हैं। ऐसे में रिकवरी की रफ्तार बढ़ाने और प्लेटलेट्स काउंट को रिकवर करने में सही आहार बेहद अहम भूमिका निभाता है।
जानिए ऐसे चार प्राकृतिक उपाय जो डेंगू से जंग में आपके काम आ सकते हैं।
पपीते के पत्ते का जूस: डेंगू के दौरान पपीते के पत्तों का रस सबसे कारगर उपाय माना जाता है। इसमें पपेन और चाइमोपपेन जैसे शक्तिशाली एंजाइम और एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं, जो प्लेटलेट्स को तेजी से टूटने से रोकते हैं और उनके निर्माण में मदद करते हैं। यह शरीर के दर्द और जकड़न से भी राहत दिलाता है।
बकरी का दूध: डेंगू में मरीज का पाचन तंत्र काफी कमजोर हो जाता है। ऐसे में गाय या भैंस के भारी दूध की तुलना में बकरी का दूध आसानी से पच जाता है। इसमें मौजूद सेलेनियम और मिनरल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
नारियल पानी: तेज बुखार और पसीने के कारण मरीज के शरीर में पानी की गंभीर कमी हो जाती है। नारियल पानी न केवल इस कमी को पूरा करता है, बल्कि इसमें मौजूद नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स और ग्लूकोज कमजोरी व थकान को तुरंत दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
कीवी फल: कीवी में विटामिनसी ई, पोटेशियम और एंटीआक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। यह प्लेटलेट्स काउंट को सहारा देने के साथ-साथ शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है और रिकवरी की प्रक्रिया को तेज करता है।
वायरल का बदला मिजाज: बुखार के साथ निमोनिया, गिर रहे प्लेटलेट्स, पैरासीटामोल से भी नहीं उतर रहा बुखार
जेएएच के हरिनारायण शर्मा का कहना है कि ये खाद्य पदार्थ केवल पौष्टिक सहायता प्रदान करते हैं और रिकवरी को तेज करते हैं, लेकिन यह पूर्ण इलाज नहीं हैं। डेंगू के लक्षण दिखते ही तुरंत एलिसा टेस्ट कराएं और किसी भी स्थिति में खुद से हैवी पेनकिलर या एस्पिरिन लेने से बचें। मरीज को पूरी तरह डाक्टर की देखरेख में रखें और समय-समय पर प्लेटलेट्स काउंट की जांच कराते रहें।