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इंटरनेशनल कार फ्री डे: एक दिन कार न चलाकर एक व्यक्ति दो किलो कार्बन उत्सर्जन कर सकता है कम

इस हिसाब से यदि कोई व्यक्ति एक दिन कार नहीं चलाकर 2 लीटर पेट्रोल बचाता है तो करीब 4.5 किलो कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन टल सकता है।

By bharat mandhanyaEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 10:30:00 AM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 10:30:00 AM (IST)
इंटरनेशनल कार फ्री डे: एक दिन कार न चलाकर एक व्यक्ति दो किलो कार्बन उत्सर्जन कर सकता है कम
इंटरनेशनल कार फ्री डे

HighLights

  1. ईंधन बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी के रूप में मिल सकता है।
  2. एक कार एक दिन में कितना पेट्रोल या डीजल बचा सकती है।
  3. यह उसकी रोज की दूरी और माइलेज पर निर्भर करता है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में कार अब नियमित आवश्यकता का बड़ा साधन बन चुकी है। नौकरी और बाजार जाने के लिए बड़ी संख्या में लोग निजी कारों का इस्तेमाल करते हैं। कारों की संख्या बढ़ने के साथ शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ रहा है।

इसका असर ईंधन की खपत और हवा की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति सप्ताह में सिर्फ एक दिन अपनी कार घर पर खड़ी रखे तो इसका सीधा फायदा ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी के रूप में मिल सकता है।


विशेषज्ञों के अनुसार, एक कार एक दिन में कितना पेट्रोल या डीजल बचा सकती है, यह उसकी रोज की दूरी और माइलेज पर निर्भर करता है।

ऐसे में एक व्यक्ति के लिए यह बचत कुछ लीटर ईंधन और कुछ किलो कार्बन तक हो सकती है, लेकिन यदि बड़ी संख्या में लोग एक दिन कार का उपयोग नहीं करें तो बचत का आंकड़ा हजारों लीटर तक पहुंच सकता है।

एक से दो लीटर तक ईंधन की बचत

आटोमोबाईल इंडस्ट्री से जुड़े विवेक भानुप्रिय के अनुसार, यदि एक पेट्रोल कार रोज 30 किलोमीटर चलती है और उसका माइलेज 15 किलोमीटर प्रति लीटर है। ऐसी स्थिति में कार करीब 2 लीटर पेट्रोल खर्च करेगी। अगर कार का माइलेज 20 किलोमीटर प्रति लीटर है तो यही दूरी तय करने में करीब डेढ़ लीटर पेट्रोल लगेगा।

इस तरह एक दिन कार नहीं चलाने पर सामान्य इस्तेमाल वाली कार से करीब 1.5 से 2.5 लीटर पेट्रोल बचाया जा सकता है। डीजल कार में भी दूरी और माइलेज के हिसाब से करीब 1 से 2 लीटर तक डीजल की बचत हो सकती है।

इसी तरह एक लीटर पेट्रोल जलने से करीब 2.27 किलो कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन होता है। डीजल के एक लीटर से करीब 2.64 किलो कार्बन डाइआक्साइड निकलती है।

इस हिसाब से यदि कोई व्यक्ति एक दिन कार नहीं चलाकर 2 लीटर पेट्रोल बचाता है तो करीब 4.5 किलो कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन टल सकता है।

अगर 2 लीटर डीजल की बचत होती है तो करीब 5.3 किलो कार्बन डाइआक्साइड कम निकल सकती है। वाहन नहीं चलने पर धुएं से निकलने वाले दूसरे प्रदूषकों की मात्रा में भी कमी आती है। इनमें नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सूक्ष्म कण शामिल हैं।

ट्रैफिक पर भी पड़ेगा असर

अर्बन प्लानिंग रमेश काबरा के अनुसार, कारों की संख्या कम होने का असर सड़कों पर भी दिखाई देता है। शहर में 20 लाख से ज्यादा वाहन पंजीकृत है। इनमें बड़ी संख्या दोपहिया और चारपहिया वाहनों की है। हर साल हजारों नए वाहन शहर की सड़कों पर जुड़ रहे हैं। शहर में विजय नगर, पलासिया, एमजी रोड और अन्य प्रमुख मार्गों पर पीक टाइम में वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है। यदि यह संख्या लगातार बढ़ती रही तो भविष्य में शहर को भारी यातायात का सामाना करना पड़ेगा और लंबे जाम भी लग सकते हैं।

आने वाले 10 साल में क्या होगा

पूर्व सिविल इंजीनियर आरके उपाध्याय के अनुसार, वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ आने वाले वर्षों में सड़कों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। शहर का विस्तार हो रहा है और नए आवासीय क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। इसके साथ काम और पढ़ाई के लिए रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर निजी कारों की संख्या इसी गति से बढ़ती रही तो अगले 10 वर्षों में पार्किंग, सड़क की क्षमता और ट्रैफिक जाम बड़ी चुनौती बन सकते हैं। केवल नई सड़कें बनाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, क्योंकि सड़क की क्षमता बढ़ने के साथ वाहनों की संख्या भी बढ़ती रहती है। विशेषज्ञ सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, बसों की संख्या और सुविधा बढ़ाने की भी जरूरत है।

इंदौर में प्रतिवर्ष रजिस्टर्ड डीजल व पेट्रोल कार की संख्या

2022 - 41,676

2023 - 43,581

2024 - 43,165

2025 - 39,714

2026 - 25,312

(आंकड़े आरटीओ से प्राप्त जानकारी के आधार पर)