
दीप्ति मुले, नईदुनिया जबलपुर। डिजिटल युग में सूचना और संचार के बढ़ते महत्व के साथ पत्रकारिता (जर्नलिज्म) युवाओं के लिए एक आकर्षक और संभावनाओं से भरपूर करियर विकल्प बनकर उभरी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी पत्रकारिता और जनसंचार (मास कम्युनिकेशन) के पाठ्यक्रमों की ओर रुख कर रहे हैं।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुवि) सहित कई निजी शैक्षणिक संस्थानों में पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को रिपोर्टिंग, एंकरिंग, संपादन, डिजिटल मीडिया, विज्ञापन, जनसंपर्क और मीडिया प्रबंधन जैसी विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
विषय विशेषज्ञ रादुवि पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डा धीरेंद्र पाठक ने कहा कि पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के लिए समाचार पत्र, टीवी न्यूज चैनल, रेडियो स्टेशन, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म, न्यूज पोर्टल, जनसंपर्क एजेंसियां, विज्ञापन कंपनियां, कार्पोरेट कम्युनिकेशन विभाग और सरकारी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।
साथ ही कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, वीडियो प्रोडक्शन, पाडकास्टिंग, ब्लागिंग और यूट्यूब जैसे क्षेत्रों में भी करियर बनाया जा सकता है। डिजिटल मीडिया के विस्तार के कारण पत्रकारिता अब केवल रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह मल्टीमीडिया कम्युनिकेशन का व्यापक क्षेत्र बन चुकी है।
डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय भाषाओं के विस्तार के कारण आने वाले वर्षों में प्रशिक्षित पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया प्रोफेशनल्स की मांग और बढ़ेगी। ऐसे में पत्रकारिता एवं जनसंचार के पाठ्यक्रम युवाओं को रोजगार के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।
बीजेएमसी या पत्रकारिता से संबंधित स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अधिकांश संस्थानों में किसी भी संकाय (कला, विज्ञान या वाणिज्य) के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। न्यूनतम अंक की शर्त संस्थान के अनुसार भिन्न हो सकती है, सामान्यतः 45 से 50 प्रतिशत अंक अपेक्षित होते हैं।
एमए पत्रकारिता एवं जनसंचार या पीजी डिप्लोमा के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कई संस्थानों में किसी भी विषय से स्नातक विद्यार्थी प्रवेश के पात्र होते हैं।
कुछ डिप्लोमा पाठ्यक्रम 12वीं के बाद तथा कुछ स्नातक के बाद किए जा सकते हैं। पाठ्यक्रम की अवधि छह माह से एक वर्ष तक हो सकती है।
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