सिर्फ 1 चम्मच और 50 बीमारियों से छुटकारा, घर पर बनाएं देसी च्यवनप्राश, नोट करें आसान रेसिपी
Homemade Chyawanprash Recipe: सर्दियां आते ही बाजार में मिलने वाले च्यवनप्राश की डिमांड बढ़ जाती है, लेकिन सवाल वही क्या यह सच में उतना शुद्ध होता है? प्रिजर्वेटिव और ज्यादा शक्कर की वजह से कई लोग इसे खरीदने से हिचकते हैं। ऐसे में घर में बना च्यवनप्राश एक ऐसा विकल्प है, जो न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि स्वाद और औषधीय गुणों में कहीं आगे है।
Publish Date: Sun, 30 Nov 2025 05:25:51 PM (IST)
Updated Date: Sun, 30 Nov 2025 05:25:51 PM (IST)
Homemade Chyawanprash Recipe: घर पर बनाएं देसी च्यवनप्राश।HighLights
- सर्दियों में रोज एक चम्मच च्यवनप्राश खाना बेहद फायदेमंद है
- च्यवनप्राश आपको सर्दियों में बार-बार बीमार पड़ने से बचाता है
- साधारण चीजों से आप घर पर शुद्ध च्यवनप्राश तैयार कर सकते हैं
लाइफस्टाइल डेस्क। सर्दियां आते ही बाजार में मिलने वाले च्यवनप्राश की डिमांड बढ़ जाती है, लेकिन सवाल वही क्या यह सच में उतना शुद्ध होता है? प्रिजर्वेटिव और ज्यादा शक्कर की वजह से कई लोग इसे खरीदने से हिचकते हैं। ऐसे में घर में बना च्यवनप्राश (Homemade Chyawanprash Recipe) एक ऐसा विकल्प है, जो न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि स्वाद और औषधीय गुणों में कहीं आगे है।
देसी रेसिपी की खासियत यही है कि इसमें ताजा आंवला इस्तेमाल होता है। वही आंवला, जिसे आयुर्वेद विटामिन-सी का शक्तिशाली स्रोत मानता है। यह शरीर की इम्युनिटी (Chyawanprash For Winter Immunity) को मजबूत करता है और रेस्पिरेटरी व डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाने में भी मददगार है।
घर पर च्यवनप्राश बनाने की आसान रेसिपी
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कैसे तैयार होता है यह पौष्टिक च्यवनप्राश?
- घर में बनने वाला च्यवनप्राश किसी जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरता। शुरुआत होती है आंवलों को अच्छी तरह धोकर कुकर में उबालने से। जब वे पूरी तरह नरम हो जाएं, तो उनकी गुठलियां निकाल कर हल्का दरदरा पेस्ट बना लिया जाता है बिना पानी मिलाए।
- फिर एक मोटे तले की कड़ाही में देसी घी गरम किया जाता है और उसमें यह आंवला पेस्ट डालकर मध्यम आंच पर भूनते हैं। धीरे-धीरे पेस्ट का रंग गहरा होने लगता है और यह कड़ाही छोड़ने लगता है यही संकेत है कि यह सही तरह से भुन चुका है।
इसके बाद बारी आती है मिठास की। चाहें तो गुड़ पिघलाकर डालें या फिर शहद मिलाएं। मिश्रण को जमने जैसी कंसिस्टेंसी तक पकाया जाता है। जैसे-जैसे यह गाढ़ा होता जाता है, सूखे मसाले जैसे इलायची, दालचीनी, सोंठ, पीपली और काली मिर्च अपनी खुशबू बिखेरते हुए इसमें घुल जाते हैं।
कुछ मिनट और पकने के बाद यह मिश्रण च्यवनप्राश के गाढ़े, चमकदार टेक्सचर में बदल जाता है। आंच बंद कर इसे पूरी तरह ठंडा होने देते हैं और फिर इसे साफ, सूखी कांच की बोतल में भरकर स्टोर कर लेते हैं।