महाराष्ट्र-गुजरात के बाद MP में बैन हुआ एनालॉग पनीर, कैसे करें सेहत के लिए खतरनाक इस 'स्लो पॉइजन' की पहचान?
मध्य प्रदेश सरकार ने सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकते हुए एनालॉग पनीर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सके सेवन से कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों...और पढ़ें
By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Thu, 13 Aug 2026 02:07:22 PM (IST)Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 02:11:11 PM (IST)
बाजार में बिक रहे एनालॉग पनीर की पहचान और असली पनीर चुनने के लिए सही तरीका जानना जरूरी है। (फाइल फोटो)HighLights
- महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश में भी 'एनालॉग पनीर' बैन हुआ
- इनमें पाम ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, स्टार्च और केमिकल इमल्सीफायर पाए गए थे
- असली पनीर 350 से अधिक का होता है, जबकि एनालॉग पनीर 150 में बिक रहा था
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और गुजरात के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार ने भी 'एनालॉग पनीर' पर रोक लगा दी है। बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह फैसला लिया है। इसका मतलब यह है कि इसके प्रोडक्शन, बिक्री, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्टेशन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दरअसल, पिछले कुछ साल से कई इंडस्ट्रीज पनीर के नाम पर लोगों क नकली पनीर बेचते थे, और सेहत के साथ खिलवाड़ करते थ। इस वजह से सरकार ने यह फैसला किया है। इसके अलावा एनालॉग पनीर बेचने वाली सभी कंपनीज को भी बैन कर दिया जाएगा।
ऐसे में अगर आप भी बाजार से नकली पनार खरीदते हैं और उसे पहचान नहीं पाते, तो इसके बीच के अंतर को जानना बहुत जरूरी है।
वनस्पति तेल- स्टार्च से बना होता है नालॉग पनीर
कई एक्सपर्ट्स और डाइटिशियन्स के मुताबिक, असली पनीर को शुद्ध दूध को नीबू के रस या सिरके से फाड़कर पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है, जो प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होता है। वहीं, एनालॉग पनीर को बनाने में दूध का इस्तेमाल नहीं होता। इसे पाम ऑयल, सस्ते वनस्पति तेल, स्टार्च, इमल्सीफायर और फूड एडिटिव्स मिलाकर तैयार किया जाता है। देखने, छूने और स्वाद में यह बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता है, लेकिन सेहत केलिए यह बिना किसी न्यूट्रिएंट के (Zero Nutritional Value) हानिकारक ऑप्शन है।
सेहत के लिए क्यों है नुकसानदेक?
- स्पेशलिस्ट के अनुसार, एनालॉग पनीर तुरंत जहर का काम नहीं करता, लेकिन इसके लगातार सेवन से शरीर पर गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। जैसे-
- अस्वस्थ फैट और सोडियम: इसमें इस्तेमाल होने वाले खराब वनस्पति तेल और प्रोसेस्ड इंग्रीडिएंट्स शरीर में अनहेल्दी फैट और सोडियम की मात्रा बढ़ा देते हैं। इससे दिल की बीमारियां और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा रहता है।
- पोषण की कमी: असली पनीर की तुलना में इसमें हाई-क्वालिटी प्रोटीन और कैल्शियम न के बराबर होता है।
असली और एनालॉग पनीर की कीमत में भी बड़ा अंतर
बाजार में असली डेयरी पनीर की कीमत 350 प्रति किलो से अधिक है, जबकि मिलावटी एनालॉग पनीर 150 प्रति किलो या उससे भी कम दाम में धड़ल्ले से बेचा जा रहा था। इसी कम कीमत के कारण कई होटल और रेस्टोरेंट इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे।
असली और ताजा पहचानने का सही तरीका…
- कई स्पेशलिस्ट ने ग्राहकों को बाजार से पनीर खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है। जानिए पनीर खरिदते वक्त किन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है।
- रंग और महक: ताजा पनीर हमेशा सफेद या हल्का क्रीमी होता है और उसमें से दूध की हल्की सौंधी महक आती है। यदि पनीर में खट्टी या अजीब गंध हो, तो उसे न खरीदें।
- बनावट (Texture): असली पनीर छूने में मुलायम लेकिन मजबूत (Soft yet Firm) होता है। यदि पनीर रबर जैसा कड़ा, बहुत सख्त, चिपचिपा, दरार वाला या रंग उड़ा हुआ दिखे, तो वह नकली हो सकता है।
- खरीददारी और रखरखाव: हमेशा भरोसेमंद ब्रांड या हाइजीनिक डेयरी से ही पनीर खरीदें। पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। पनीर खरीदने के बाद उसे तुरंत फ्रिज में रखें और 1-2 दिनों के भीतर इस्तेमाल कर लें।
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