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लाइफस्टाइल डेस्क। मकर संक्रांति का पर्व तिल और गुड़ के बिना अधूरा माना जाता है। इस दिन तिल से बनी चीज़ें खाने की परंपरा है, क्योंकि सर्दियों में तिल शरीर को गर्मी देता है और ऊर्जा से भरपूर होता है। खासतौर पर तिल के लड्डू न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।
सफेद तिल – 1 कप
गुड़ - ¾ कप (कद्दूकस किया हुआ या छोटे टुकड़ों में)
घी - 1 छोटा चम्मच
इलायची पाउडर - ½ छोटा चम्मच
मूंगफली (वैकल्पिक) - 2 छोटे चम्मच (भुनी और दरदरी पिसी हुई)
सबसे पहले एक कढ़ाही में तिल को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भून लें। ध्यान रखें कि तिल जले नहीं।
भुने हुए तिल को प्लेट में निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें।
अब उसी कढ़ाही में घी डालें और उसमें गुड़ डालकर धीमी आंच पर पिघलाएं।
जब गुड़ पूरी तरह पिघल जाए और एकसार हो जाए, तब इसमें इलायची पाउडर और मूंगफली मिलाएं।
अब इसमें भुने हुए तिल डालकर अच्छे से मिलाएं।
गैस बंद कर दें और मिश्रण हल्का गुनगुना होने पर हाथों में घी लगाकर लड्डू बना लें।
तिल कैल्शियम और आयरन से भरपूर होता है
सर्दियों में शरीर को गर्म रखता है
हड्डियों को मजबूत बनाता है
पाचन तंत्र को बेहतर करता है
ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है
माना जाता है कि मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ खाने से आपसी रिश्तों में मिठास आती है। यही वजह है कि इस दिन लोग एक-दूसरे को तिल के लड्डू देकर कहते हैं-
'तिल-गुड़ घ्या, गोड-गोड बोला।'
इस मकर संक्रांति पर घर पर बने तिल के लड्डू के साथ त्योहार की मिठास दोगुनी करें और सेहत का भी ध्यान रखें।