डिजिटल डेस्क। मानसून गर्मी से राहत देने के साथ बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाता है। मानसून में स्किन और बालों को भी विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इसके साथ ही मानसून में दांतों को भी विशेष देखभाल की जरूरत होती हैं। इस मौसम में लापरवाही बरतने से दांतों में कैविटी, मसूड़ों से खून, मसूड़ों में सूजन, दांत में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती है। मौसम में नमी के कारण बैक्टीरिया काफी ज्यादा हो जाते हैं। ऐसे में इस मौसम में ओरल हेल्थ का ख्याल रखना आवश्यक हो जाता है। आइए आपको बताते हैं कि मानसून में ओरल हेल्थ का ख्याल कैसे रखें...
बरसात का मौसम जहां हरियाली और ठंडक लेकर आता है, वहीं वातावरण में बढ़ी हुई नमी यानी ह्यूमिडिटी हमारे दंत स्वास्थ्य के लिए एक छुपा हुआ खतरा बन सकती है। बरसात में हवा में मौजूद नमी की मात्रा अधिक हो जाती है, जिससे मुंह में बैक्टीरिया पनपने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इससे मसूड़ों में सूजन, दांतों में सेंसिटिविटी, सांस की दुर्गंध और कैविटी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
मानव मुखगुहा (ओरल कैविटी) पहले से ही हजारों सूक्ष्मजीवों का घर होती है, लेकिन जब मौसम में आर्द्रता बढ़ती है, तो यह बैक्टीरिया और फंगल ग्रोथ के लिए अनुकूल वातावरण बन जाता है। विशेष रूप से वे लोग जो मीठा अधिक खाते हैं, पानी कम पीते हैं या नियमित ब्रश नहीं करते-वे इस मौसम में जल्दी इनफेक्शन का शिकार हो सकते हैं। नमी से टूथब्रश और टावल जल्दी गीले हो जाते हैं, जिनमें बैक्टीरिया आसानी से पनप सकते हैं। अधिकतर लोग इस मौसम में तैलीय और मीठे खाद्य पदार्थ ज्यादा खाते हैं, जो कैविटी को बढ़ावा देते हैं। बरसात के कारण लोग बाहर कम निकलते हैं और दंत चिकित्सा की नियमित जांच टाल देते हैं।