
हर्षल सिंह गहलोत, महू। मालवा की हरी-भरी वादियों, पहाड़ियों और प्राकृतिक नजारों के बीच रेल सफर का रोमांच आज से फिर लौटने जा रहा है। करीब नौ माह के इंतजार के बाद पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन शनिवार से दोबारा पर्यटकों को प्रकृति के बीच सफर कराएगी। रतलाम मंडल ने ट्रेन के संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुरुवार को ट्रेन का ट्रायल भी लिया गया। फिलहाल महू से पातालपानी रेलवे स्टेशन तक रेल कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण पर्यटकों को सड़क मार्ग से ही पातालपानी स्टेशन पहुंचना होगा।

पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन पर्यटकों के बीच लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रही है। शनिवार से शुरू होने वाली ट्रेन के लिए बुकिंग भी शुरू हो गई है। ट्रेन सप्ताह में तीन दिन शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित होगी। इस दौरान यात्री पातालपानी का सुंदर झरना, वादियां, भेल, मैगी, भुट्टे, चाट जैसे व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। साथ ही पातालपानी झरने पर ही टंट्या भील का मंदिर भी बना है। आगे चलते हुए अंग्रेजकालीन समय के बने बोगदे व पुलिया से होते हुए ट्रेन गुजरेगी। बीच-बीच में वादियों में जगह-जगह से बहते हुए झरने के दृश्य भी देखेंगे।

हेरिटेज ट्रेन के इंजन और कोच बीकानेर में मेंटेनेंस के बाद वापस महू स्टेशन पहुंच चुके हैं। ट्रेन शनिवार सुबह 11.05 बजे पातालपानी से कालाकुंड के लिए रवाना होगी और दोपहर 1.05 बजे कालाकुंड रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में कालाकुंड से 3.34 बजे पातालपानी के लिए रवाना होगा और 4.30 बजे पातालपानी रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।

पातालपानी-कालाकुंड के बीच चलने वाली हेरिटेज ट्रेन को गर्मी के मौसम में मार्च से बंद किया जाता था। पर पिछले साल पातालपानी-कालाकुंड मीटरगेज ट्रैक को हेरिटेज घोषित किया गया था। इसके बाद ट्रैक के मेंटेनेंस और प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए 21 नवंबर 2025 को ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। अब करीब नौ माह बाद इसका संचालन दोबारा शुरू किया जा रहा है।
हालांकि इस बार ट्रेन का आकर्षण कम हो गया है। पश्चिम रेलवे द्वारा ट्रेन की सजावट के लिए पूरे हेरिटेज रूट के प्रमुख दृश्यों के फोटों से बनी पीवीसी शीट बोगी पर लगाई गई थी। जिससे पर्यटक व यात्री ट्रेन के साथ भी फोटो खिंचाते थे। परंतु इस बार मैंटेनेंस के दौरान वह शीट निकाल दी गई है। जिसके कारण अब कोच का रंग आम रेलवे कोच की तरह ही है। जिससे पर्यटकों को निराशा हो सकती है। इस मामले में पश्चिम रेलवे जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि कोच पर पीवीसी शीट के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। कुछ समय बाद ट्रेन पर पहले की तरह शीट लगा दी जाएगी।
हेरिटेज ट्रेन में विस्टाडोम कोच पर्यटकों के लिए खास आकर्षण हैं। करीब चार वर्ष पहले रेलवे ने पर्यटकों के सफर को बेहतर और आरामदायक बनाने के लिए ट्रेन में एसी विस्टाडोम कोच लगाए थे। इन कोच में बड़े आकार के विंडो ग्लास, ट्रेलिंग विंडो, स्नैक्स टेबल और साइड पेंट्री की सुविधा है। पर्यटकों की सुविधा के लिए कोच में स्वच्छ टायलेट भी हैं। बड़े शीशों से प्राकृतिक नजारों को देखने का अनुभव इस सफर को खास बनाता है।
मध्य प्रदेश के एक मात्र हेरिटेज ट्रैक पर एक मात्र हेरिटेज ट्रेन का संचालन 25 दिसंबर 2018 को शुरू हुआ था। शुरुआत के कुछ ही महीनों में ट्रेन ने मध्य प्रदेश के साथ देशभर के पर्यटकों के बीच अपनी पहचान बना ली थी। कोरोना काल के चलते अप्रैल 2020 में इसका संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद 4 अगस्त 2021 को ट्रेन में कई बदलाव कर दोबारा संचालन शुरू किया गया था।
हेरिटेज ट्रेन से सफर करने वाले पर्यटकों के लिए फिलहाल एक चुनौती बनी हुई है। महू से पातालपानी रेलवे स्टेशन तक रेल कनेक्टिविटी नहीं है। इंदौर से पर्यटक बस या ट्रेन जैसे सार्वजनिक यातायात साधनों से महू पहुंच सकते हैं। इसके बाद महू से आटो रिक्शा या निजी वाहन से पातालपानी रेलवे स्टेशन जाना होगा। महू से पातालपानी पहुंचने के लिए फिलहाल कोई सीधा सार्वजनिक साधन उपलब्ध नहीं है।