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ओरल हेल्थ का असर सिर्फ दांतों तक सीमित नहीं, दो बार ब्रश करने का क्‍यों है महत्‍व

ब्रश करते समय दांतों के साथ मसूड़ों की सीमा और पीछे के दांतों पर भी ध्यान दें। बहुत जोर से ब्रश करने से मसूड़ों को नुकसान हो सकता है।

By Pooja GiteEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 11:30:00 AM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 11:30:00 AM (IST)
ओरल हेल्थ का असर सिर्फ दांतों तक सीमित नहीं, दो बार ब्रश करने का क्‍यों है महत्‍व
ओरल हेल्थ

HighLights

  1. जीभ पर परत दुर्गंध का कारण बन सकती है।
  2. इसलिए जीभ की भी नियमित सफाई करें।
  3. मुंह से दुर्गंध आने को सामान्य न समझें।

लाइफस्‍टाइल डेस्‍क। दांतों की सफाई के लिए लोग सुबह-शाम ब्रश तो करते हैं, लेकिन मसूड़ों, जीभ और मुंह की पूरी सेहत पर ध्यान नहीं देते। ओरल हेल्थ का असर सिर्फ दांतों तक सीमित नहीं है। दांतों और मसूड़ों की सही देखभाल से कई सामान्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। डेंटिस्ट के अनुसार, रोजाना की छोटी-छोटी आदतें मुंह की सेहत बनाए रखने में मदद करती हैं।

दो बार ब्रश करना जरूरी

दंत विशेषज्ञ मनोज पाटनी के अनुसार दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से लगभग दो मिनट तक ब्रश करना चाहिए। ब्रश करते समय दांतों के साथ मसूड़ों की सीमा और पीछे के दांतों पर भी ध्यान दें। बहुत जोर से ब्रश करने से मसूड़ों को नुकसान हो सकता है। ब्रश के अलावा दांतों के बीच फंसे भोजन को साफ करने के लिए फ्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश का इस्तेमाल किया जा सकता है।


जीभ और मसूड़ों की सफाई भी जरूरी

जीभ पर जमा परत मुंह से दुर्गंध का कारण बन सकती है। इसलिए जीभ की भी नियमित सफाई करें। मसूड़ों से खून आना, सूजन, दर्द या लगातार मुंह से दुर्गंध आने को सामान्य न समझें। ऐसे लक्षण होने पर डेंटिस्ट से जांच करवानी चाहिए।

मीठे और तंबाकू से दूरी

बार-बार मीठा खाने और मीठे पेय पीने से दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ सकता है। तंबाकू और धूम्रपान से मुंह की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। नियमित दंत जांच से समस्या की समय पर पहचान और उपचार में मदद मिलती है।