
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सुबह की भागदौड़ में एक कप चाय और पोहा, दोपहर में जल्दी-जल्दी रोटी-सब्जी और शाम को काम के बीच कुछ हल्का-फुल्का खा लेना...। महिलाओं की व्यस्त दिनचर्या में खान-पान अक्सर जरूरत से ज्यादा सुविधा पर निर्भर हो जाता है।
फिट रहने की चाह में कई महिलाएं खाना कम करने या कैलोरी गिनने पर जोर देती हैं, लेकिन अब डाइट को लेकर सोच बदल रही है। फिटनेस का मतलब केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि दिनभर सक्रिय रहने के लिए शरीर को पर्याप्त पोषण देना भी है।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं की थाली में प्रोटीन, आयरन, फाइबर, पर्याप्त पानी और संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट व वसा होना जरूरी है। खासतौर पर कामकाजी महिलाओं के लिए ऐसी डाइट जरूरी है, जिससे लंबे समय तक ऊर्जा बनी रहे और बार-बार भूख न लगे।
थाली में आसानी से जुड़ सकते हैं पोषण के ये विकल्प -
प्रोटीन: दाल, चना, राजमा, लोबिया, पनीर, दही, दूध, अंडा और सोयाबीन को भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। नाश्ते में पोहा या उपमा के साथ मूंगफली, अंकुरित दाने या दही जोड़ने से भोजन अधिक संतुलित हो सकता है।
आयरन: पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों के अलावा चना, दाल, तिल, राजमा और अन्य फलियां अच्छे विकल्प हैं। भोजन में नींबू जैसे विटामिन-सी वाले खाद्य पदार्थ शामिल करने से आयरन के अवशोषण में भी मदद मिलती है।
फाइबर: भोपाल के घरों में बनने वाली मौसमी सब्जियां, फल, सलाद, अंकुरित अनाज और साबुत अनाज इसके आसान स्रोत हैं। इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।
पानी: व्यस्तता के कारण कई महिलाएं पानी पीना भूल जाती हैं। पर्याप्त पानी पीना भी संतुलित आहार का जरूरी हिस्सा है।
जिम, योग या वाक करने वाली महिलाओं में एक आम धारणा रहती है कि एक्सरसाइज के साथ खाना कम कर देना चाहिए। जबकि शरीर को व्यायाम के बाद रिकवरी के लिए पर्याप्त पोषण चाहिए। बहुत कम खाना कमजोरी और थकान बढ़ा सकता है। सुबह वाक या जिम करने वाली महिलाओं के लिए दिन की शुरुआत केवल चाय से करने के बजाय हल्का लेकिन पौष्टिक विकल्प बेहतर हो सकता है। वर्कआउट के बाद दही, दूध, अंडा, पनीर, चना या अंकुरित अनाज जैसे प्रोटीन स्रोत भोजन में शामिल किए जा सकते हैं।
जब महिलाएं नौकरी, व्यवसाय और घर की जिम्मेदारियां एक साथ संभालती हैं, तो भोजन की प्लानिंग मुश्किल हो जाती है और कई बार लंच टल जाता है। इसका आसान तरीका है कि सुबह ही दिन के खाने की तैयारी कर ली जाए। टिफिन में सिर्फ रोटी-सब्जी रखने के बजाय उसमें दाल या चना, दही, सलाद अथवा कोई मौसमी फल जोड़ा जा सकता है। शाम की भूख के लिए बिस्किट या पैकेज्ड स्नैक्स पर निर्भर रहने के बजाय भुना चना, मखाना, फल या मुट्ठीभर मेवे रखे जा सकते हैं।
- रश्मि श्रीवास्तव, न्यूट्रिशनिस्ट
वजन कम करना लक्ष्य हो, तब भी भोजन से समझौता नहीं -
डाइटिंग का अर्थ भूखा रहना नहीं है। कई लोग वजन घटाने के लिए खाना कम करते हैं और लाइफ को एंजाय करना भूल जाते हैं। ये गलत है। यदि वजन कम करना लक्ष्य है तो भोजन की मात्रा, गुणवत्ता और शारीरिक गतिविधि, तीनों पर ध्यान देना जरूरी है। केवल कैलोरी कम करने के बजाय ऐसी थाली तैयार करना ज्यादा उपयोगी है, जिसमें पेट भी भरे और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिलें।
- दीपिका चौधरी, डाइटिशियन