
लाइफस्टाइल डेस्क। बारिश के बाद अचानक तेज धूप और उमस बढ़ने से मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। ऐसे वातावरण में सर्दी-जुकाम, गले में खराश, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण की शिकायत बढ़ सकती है।
मौसम बदलने पर शरीर को तापमान के उतार-चढ़ाव के अनुसार ढलने में समय लगता है, इसलिए सावधानी जरूरी है। वायरल संक्रमण से बचने के लिए बाहर से आने के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें। बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और ताजा व पौष्टिक भोजन लें। डाॅ. हर्ष राय, जेनरल फिजिशियन के अनुसार बासी या खुले में रखा खाना खाने से बचें।
बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
वायरल का बदला मिजाज: बुखार के साथ निमोनिया, गिर रहे प्लेटलेट्स, पैरासीटामोल से भी नहीं उतर रहा बुखार

बच्चों में भी लंबा खिंच रहा वायरल
वायरल संक्रमण का असर बच्चों पर भी दिखाई दे रहा है। शिशु रोग विभाग में वायरल से पीड़ित बच्चे भर्ती हैं, वहीं पीआइसीयू के बेड भी भरे हुए हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ रवि अम्बे के अनुसार सामान्य तौर पर बच्चों का वायरल बुखार करीब तीन दिन में नियंत्रित हो जाता है, लेकिन इस समय कई बच्चों को ठीक होने में पांच दिन या उससे अधिक समय लग रहा है।