
लाइफस्टािल डेस्क। धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना स्किन की देखभाल का अहम हिस्सा है। लेकिन जब बाजार में SPF 30 और SPF 50 जैसे विकल्प मिलते हैं, तो अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि उनके लिए कौन-सा बेहतर है। कई लोगों को लगता है कि SPF 50 सनस्क्रीन लगाने से स्किन को SPF 30 के मुकाबले लगभग दोगुनी सुरक्षा मिलती है। जबकि ऐसा नहीं है। दोनों के बीच सुरक्षा का अंतर काफी कम है, लेकिन तेज धूप में यह अंतर भी मायने रख सकता है।
सनस्क्रीन का SPF यानी सन प्रोटेक्शन फैक्टर बताता है कि यह स्किन को मुख्य रूप से सूरज की UVB किरणों से होने वाले सनबर्न से बचाने में कितनी मदद करती है। हालांकि, केवल SPF नंबर देखकर सनस्क्रीन चुनना सही नहीं है। यह जानना भी जरूरी है कि वह UVA किरणों से सुरक्षा देती है या नहीं और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।
SPF 30 सनस्क्रीन सही मात्रा में लगाने पर लगभग 96.7 प्रतिशत UVB किरणों को रोकने में मदद करती है। वहीं, SPF 50 लगभग 98 प्रतिशत UVB किरणों को रोक सकती है। यानी SPF 50 की सुरक्षा थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन दोनों के बीच अंतर बहुत बड़ा नहीं है।
UVB रेज स्किन पर सनबर्न और लालिमा पैदा कर सकती हैं। वहीं, UVA रेज स्किन की उम्र बढ़ने, झुर्रियों और पिगमेंटेशन जैसी समस्याओं में योगदान देती हैं। इसलिए सनस्क्रीन खरीदते समय पैक पर ‘ब्रॉड स्पेक्ट्रम’ लिखा होना देखना चाहिए। इसका मतलब है कि सनस्क्रीन UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से सुरक्षा देती है।
अगर आप रोजाना ऑफिस जाती हैं, बाजार निकलती हैं या थोड़ी देर धूप में रहती हैं, तो SPF 30 भी अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर आप लंबे समय तक बाहर रहती हैं, यात्रा करती हैं या तेज धूप में काम करती हैं, तो SPF 50 चुनना फायदेमंद हो सकता है।
हालांकि, सिर्फ ज्यादा SPF वाली सनस्क्रीन खरीद लेना काफी नहीं है। अगर इसे कम मात्रा में लगाया जाए या लंबे समय तक दोबारा न लगाया जाए, तो स्किन को मिलने वाली सुरक्षा कम हो सकती है। इसलिए अपनी स्किन के प्रकार, बाहर रहने के समय और मौसम के हिसाब से सनस्क्रीन चुनना जरूरी है।
सनस्क्रीन का पूरा फायदा लेने के लिए इसे सही तरीके से लगाना जरूरी है। बाहर निकलने से लगभग 15 मिनट पहले इसे चेहरे, गर्दन, कान और शरीर के खुले हिस्सों पर लगाएं। बाहर रहने के दौरान हर दो घंटे में दोबारा लगाएं। तैरने, ज्यादा पसीना आने या तौलिए से चेहरा पोंछने के बाद भी सनस्क्रीन दोबारा लगानी चाहिए।
इसके अलावा, तेज धूप में टोपी, छाते और पूरी बांह के कपड़ों का इस्तेमाल भी स्किन को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
इसलिए सनस्क्रीन चुनते समय सिर्फ SPF 30 या SPF 50 के नंबर पर ध्यान देने के बजाय ब्रॉड स्पेक्ट्रम सुरक्षा, सही मात्रा और दोबारा लगाने की आदत को प्राथमिकता दें।
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