
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। तपती गर्मियों के सीजन में रसीले और मीठे फल खाने का जो आनंद है, उसकी तुलना किसी और मौसम से नहीं की जा सकती। लेकिन यह मौसम डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए थोड़ी मुश्किलें भी लेकर आता है।
अक्सर माना जाता है कि शुगर के मरीजों को फलों से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए, लेकिन यह एक मिथक है। विशेषज्ञों के अनुसार, फल पोषक तत्वों का खजाना होते हैं और सही चुनाव व संतुलित मात्रा के साथ इनका आनंद लिया जा सकता है।
जेएएच के डॉ. एचएन शर्मा के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी भी फल को खाने से पहले उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स जानना बेहद जरूरी है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स यह तय करता है कि कोई खाद्य पदार्थ शरीर में जाने के बाद कितनी तेजी से ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ाता है। इसे तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (55 से कम) - ये फल डायबिटीज मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित माने जाते हैं।
मॉडरेट ग्लाइसेमिक इंडेक्स (56 से 69) - इन फलों को डॉक्टर की सलाह पर सीमित मात्रा में खाया जा सकता है।
हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स (70 या उससे ज्यादा) - ये फल ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
आसानी से समझें तो जिन फलों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, उनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे फलों में मौजूद ग्लूकोज और फ्रुक्टोज शरीर में धीरे-धीरे अवशोषित होते हैं। यही कारण है कि इन्हें खाने से अचानक ब्लड शुगर स्पाइक यानी शर्करा का स्तर तेजी से नहीं बढ़ता।
डायबिटीज के मरीजों के लिए सेब, अमरूद, नाशपाती, संतरा और बेरीज जैसे स्ट्रॉबेरी, जामुन गर्मियों में बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प हैं। इन फलों में प्रचुर मात्रा में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ शुगर को भी नियंत्रित रखते हैं। हालांकि, इन्हें भी एक निश्चित और संतुलित मात्रा में ही डाइट में शामिल करना चाहिए।
मीठे रस से भरा सबका पसंदीदा फलों का राजा आम, सेहत के लिए पावर फ्रूट माना जाने वाला केला, अत्यधिक मीठा चीकू, लीची, अंगूर और सीताफल जैसे फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी हाई होता है। इनमें ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो खाते ही ब्लड शुगर को अनियंत्रित कर सकती है।
इसलिए, शुगर रोगियों को इन फलों को अपनी समर डाइट लिस्ट से बाहर ही रखना चाहिए। फल खाते समय हमेशा ध्यान रखें कि जूस पीने के बजाय साबुत फल खाएं, ताकि शरीर को भरपूर फाइबर मिल सके।