लाइफस्टाइल डेस्क, इंदौर। बारिश की फुहारों के साथ भारतीय फैशन में एक नई ताजगी आ जाती है। मानसून का मौसम फैशन प्रेमियों के लिए एक चुनौती भी है और एक मौका भी। चुनौती इसलिए क्योंकि नमी, फिसलन और कीचड़ से कपड़े व एक्सेसरीज खराब हो सकते हैं। मौका इसलिए क्योंकि इस मौसम में स्टाइल को अपनाने का अवसर मिलता है। इस मानसून सीजन के लिए फैशन और एक्सेसरीज से जुड़े खास टिप्स इकट्ठा किए हैं।
निफ्ट, भोपाल की फैशन डिजाइनर नयनतारा सिंह बताती हैं कि बारिश में हल्के और सफेद जैसे रंग पारदर्शी हो सकते हैं, इसलिए गहरे रंग पहनना बेहतर है। फ्यूशिया पिंक, कोबाल्ट ब्लू, टेंजरिन ऑरेंज जैसे ब्राइट कलर्स मानसून मूड को भी दर्शाते हैं और फैशन में नयापन भी लाते हैं। गंभीर लुक के लिए बरगंडी, मस्टर्ड येलो और नेवी ब्लू जैसे रंग बेहतरीन हैं।
मानसून में फैब्रिक का चयन बहुत मायने रखता है। नमी में जल्दी सूखने वाले हल्के फैब्रिक जैसे रेयान, नायलॉन, पॉलिएस्टर, क्रेप और कॉटन ब्लेंड्स आदर्श माने जाते हैं। ये कपड़े हवा को सोखने और शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं। भारी या कॉटन जैसे कपड़े देर से सूखते हैं और बदबू भी कर सकते हैं।
फैशन डिजाइनर सिमी जैन के अनुसार मानसून में नी-लेंथ स्कर्ट्स, कुलाट्स, लॉन्ग टॉप्स के साथ लूज पैंट्स या शॉर्ट कुर्तियां पहनना उपयोगी होता है। ये न केवल स्टाइलिश दिखते हैं बल्कि कीचड़ और गीलापन से कपड़ों को सुरक्षित भी रखते हैं।
बारिश में क्रॉस-बॉडी बैग, वाटरप्रूफ बैग्स, छाता, और स्टाइलिश रेनकोट बेहद काम आते हैं। बैग के लिए विनाइल, सिंथेटिक या प्लास्टिक जैसे वाटरप्रूफ मटीरियल उपयुक्त होते हैं। ज्वेलरी में मेटल की बजाय प्लास्टिक, बीड्स या रेजिन की ज्वेलरी चुनें, जो न केवल जलरोधी होती हैं बल्कि हल्की और ट्रेंडी भी लगती हैं।
मानसून में रबर सैंडल्स, फ्लोटर्स, क्रॉक्स या जेली शूज़ जैसे वाटरप्रूफ फुटवियर पहनना सुरक्षित और सुविधाजनक होता है। लेदर और साबर के जूते बारिश में जल्दी खराब हो जाते हैं, इसलिए इनसे परहेज करना चाहिए।