
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का पर्व है। राखी की डोर जहां रिश्तों को मजबूती देती है, वहीं मिठाइयां और घर के बने पकवान इस त्योहार की खुशियों को और बढ़ा देते हैं। शहर में रक्षाबंधन को लेकर घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
महिलाएं बाजार से मिठाई और नमकीन खरीदने के साथ ही इस बार घर पर पारंपरिक और कुछ नए स्वाद वाले व्यंजन बनाने में जुटी हैं।
मावे की गुजिया, नारियल के लड्डू, बेसन की पापड़ी, मालपुआ, पनीर के लड्डू और खजूर की बर्फी जैसे व्यंजन घरों की रसोई में तैयार किए जा रहे हैं।
जो भाई घर नहीं आ रहे हैं उनको भिजवाने के लिए घर पर पकवान तैयार कि जा रहे है। रक्षाबंधन पर शहर के कई घरों में बाजार की मिठाइयों के साथ-साथ घर की रसोई से निकलने वाली गुजिया, लड्डू, बर्फी और नमकीन की खुशबू भी त्योहार के माहौल को खास बना रही है।

रक्षाबंधन पर परिवार के सभी सदस्यों के लिए कुछ खास बनाने की परंपरा आज भी कायम है। महिलाओं का मानना है कि घर पर बने पकवानों में स्वाद के साथ स्वच्छता और सामग्री की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जा सकता है। यादव कॉलोनी निवासी ममता ने बताया कि उन्होंने त्योहार से पहले ही नमकीन, पापड़ी और अन्य पकवानों की तैयारी शुरू कर दी थी। उनका कहना है कि त्योहार के दिन मेहमानों के आने-जाने के बीच समय कम मिलता है, इसलिए पहले से तैयारी कर लेना सुविधाजनक रहता है।
इस बार घरों में पारंपरिक व्यंजनों के साथ नए स्वाद के प्रयोग भी देखने को मिल रहे हैं। पनीर के लड्डू और खजूर की बर्फी लोगों की पसंद बन रहे हैं। पनीर के लड्डू बनाने के लिए पनीर को दरदरा पीसकर घी में भुना जाता है। इसमें शक्कर और इलायची पाउडर मिलाकर कुछ देर पकाया जाता है। मिश्रण ठंडा होने के बाद छोटे-छोटे लड्डू तैयार किए जाते हैं। ड्रायफ्रूट्स से सजाने पर इनका स्वाद और रूप दोनों आकर्षक हो जाते हैं।
स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खजूर की बर्फी भी घरों में बनाई जा रही है। इसे बनाने के लिए खसखस को धीमी आंच पर भूनकर अलग रखा जाता है। इसके बाद घी में ड्रायफ्रूट्स भूनकर उसमें नारियल और इलायची पाउडर मिलाया जाता है। इसमें खजूर का पेस्ट डालकर कुछ मिनट पकाया जाता है। मिश्रण ठंडा होने पर इसके स्लाइस काटकर ऊपर से खसखस डाला जाता है।
अधारताल निवासी सीमा शुक्ला ने बताया कि उनके घर में हर साल रक्षाबंधन पर गुजिया जरूर बनाई जाती है। इस बार मावे के साथ ड्रायफ्रूट्स का भरावन तैयार किया गया है। इससे गुजिया का स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ जाती है। इसके साथ ही घर पर शुगर फ्री बिस्किट भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि परिवार के ऐसे सदस्य भी त्योहार की मिठास का आनंद ले सकें जो कम चीनी वाली चीजें पसंद करते हैं।

यादव कॉलोनी निवासी आरती वर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन पर घर में पकवान बनाने का चलन केवल स्वाद तक सीमित नहीं है। परिवार के सदस्य मिलकर इनकी तैयारी करते हैं, जिससे त्योहार की खुशी और बढ़ जाती है। मेरा भाई इस बार रक्षाबंधन में नही आ पा रहा है, मैं राखी के साथ मीठा भी भेज रही हूं। उसे मेरी हाथ की बनी गुलिया बहुत पसंद है इसलिए गुजिया बना रही हूं।