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एमपी के इस जिले को कहा जाता है 'चीनी का कटोरा', अकेले यहां से आता है पूरे राज्य का 80% गन्ना, देश-विदेश में भारी मांग

गन्ने की रिकॉर्ड पैदावार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर बेजोड़ गुड़ के कारण इस जिले को 'मध्य प्रदेश का चीनी का कटोरा' (Sugar Bowl of MP) कहा जाता है।

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 08 Jun 2026 04:12:03 PM (IST)Updated Date: Mon, 08 Jun 2026 04:12:03 PM (IST)
एमपी के इस जिले को कहा जाता है 'चीनी का कटोरा', अकेले यहां से आता है पूरे राज्य का 80% गन्ना, देश-विदेश में भारी मांग
देश-विदेश की मंडियों में यहां के गुड़ की भारी मांग। (AI से जेनरेट की गई इमेज)

HighLights

  1. देश-विदेश की मंडियों में मची नरसिंहपुर के गुड़ की धूम
  2. महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान तक फैली इसकी मिठास
  3. देश-विदेश की मंडियों में नरसिंहपुर के गुड़ की भारी मांग

लाइफस्टाइल डेस्क। मध्य प्रदेश का नरसिंहपुर जिला अपनी बेहद उपजाऊ नर्मदा घाटी की काली मिट्टी और जांबाज किसानों की बदौलत कृषि के क्षेत्र में एक सुनहरी इबारत लिख रहा है। गन्ने की रिकॉर्ड पैदावार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर बेजोड़ गुड़ के कारण इस जिले को 'मध्य प्रदेश का चीनी का कटोरा' (Sugar Bowl of MP) कहा जाता है। यहां की अनूठी आबोहवा और मिट्टी गन्ने की मिठास को पूरी दुनिया में फैला रही है।

गन्ना उत्पादन में राज्य का 80% हिस्सा

नरसिंहपुर जिला गन्ना उत्पादन के मामले में पूरे मध्य प्रदेश में शीर्ष स्थान पर काबिज है। एक चौंकाने वाला कूट तथ्य यह है कि पूरे राज्य के कुल गन्ना उत्पादन का लगभग 65 से 80 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी जिले के खेतों से आता है। गन्ने की यह बंपर पैदावार जिले की आर्थिक रीढ़ को मजबूती प्रदान करती है।


'एक जिला, एक उत्पाद' में शामिल करेली का गुड़

जिले का करेली क्षेत्र अपने औषधीय गुणों, शुद्धता और अनोखे स्वाद के लिए न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमा चुका है। इसकी इसी कूट विशेषता को देखते हुए भारत सरकार ने इसे 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) योजना के अंतर्गत विधिक रूप से शामिल किया है, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को एक नई ऊंचाई मिल रही है।

मिल और खांडसारी का ढांचा (Sugar Industry )

नरसिंहपुर में चीनी और गुड़ का उत्पादन अब एक कुटीर उद्योग से बढ़कर विशाल व्यापारिक रूप ले चुका है, जिसका कूट विवरण इस प्रकार है:

औद्योगिक घटक (Industrial Components) वर्तमान स्थिति (Current Status) मुख्य प्रभाव एवं लाभ (Key Impact & Benefits)
गुड़ और खांडसारी इकाइयाँ जिले में 3 हजार से अधिक पारंपरिक कोल्हू और स्वचालित खांडसारी संयंत्र सक्रिय हैं।

• हजारों स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार।

• पारंपरिक और आधुनिक कूट तकनीकों का बेहतरीन समावेश।

चीनी मिलों का नेटवर्क स्थापित बड़ी चीनी मिलों की क्रशिंग क्षमता 2500 से 3 हजार टन प्रतिदिन तक है।

• गन्ना किसानों को फसल का तुरंत और सही विधिक दाम।

• चीनी उत्पादन में आत्मनिर्भरता।

गन्ने की उन्नत किस्में खेतों में मुख्य रूप से CO 0238, CO 86032 और CO 92005 उगाई जाती हैं। • इन वैज्ञानिक किस्मों में रस की मात्रा अत्यधिक होती है, जिससे गुड़ और चीनी की गुणवत्ता कूट रूप से सुधरती है।

देश-विदेश की मंडियों में भारी मांग

करेली की गुड़ मंडी आज देश की सबसे प्रतिष्ठित और प्रमुख व्यापारिक मंडियों में शुमार है। यहाँ तैयार होने वाला विशिष्ट गुड़ महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी कूट रूप से निर्यात किया जाता है। अपनी अद्भुत मिठास, गुणवत्ता और किसानों की वैज्ञानिक सोच के दम पर नरसिंहपुर आज वैश्विक मानचित्र पर मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ा रहा है।

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