• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • लाइफस्टाइल

बच्‍चों का पाचन ही नहीं, व्‍यवहार भी बिगाड़ सकता है इस तरह का खाना

बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण संतुलित पोषण, प्यार भरा और सुरक्षित माहौल तथा शुरुआती वर्षों में उचित देखभाल है। बच्चों का दिमाग और यादद...और पढ़ें

By Alok BanerjeeEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 05:08:46 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 05:17:27 PM (IST)
बच्‍चों का पाचन ही नहीं, व्‍यवहार भी बिगाड़ सकता है इस तरह का खाना
जंक फूड से बच्‍चों की सेहत को खतरा।

HighLights

  1. घर का बना पौष्टिक आहार बाहर अतिउत्तम होता है।
  2. चीनी, प्रोसेस्ड फूड और पैकेटबंद चीजों से परहेज करें।
  3. क्योंकि ये पाचन और व्यवहार को बिगाड़ सकते हैं।

लाइफस्‍टाइल डेस्‍क। आयुर्वेद के अनुसार बच्चों को स्वर्ण प्राशन और पौष्टिक आहार देने से उनका मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर होता है। स्वर्ण प्राशन यह बच्चों की इम्युनिटी को मजबूत करता है, जिससे वे बार-बार होने वाले संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचे रहते हैं। साथ ही बच्चों को हमेशा ताजा, हल्का गर्म और आसानी से पचने वाला भोजन देना चाहिए।

घर का बना पौष्टिक आहार बाहर के खाद्य पदार्थो की तुलना में अतिउत्तम होता है। अत्यधिक चीनी, प्रोसेस्ड फूड और पैकेटबंद चीजों से परहेज करें क्योंकि ये पाचन और व्यवहार को बिगाड़ सकते हैं।

बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण संतुलित पोषण, प्यार भरा और सुरक्षित माहौल तथा शुरुआती वर्षों में उचित देखभाल है।

naidunia_image

माता-पिता बच्चे को रोज खिलाते थे जंक फूड, महज 7 साल की उम्र में 115 किलो हुआ वजन, मोटापे से मौत

बच्चों का दिमाग और याददाश्त तेज करने के लिए उनकी डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल करें। Dr. गीता पांडे, बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार अच्छा खानपान और खेलकूद उनके शारीरिक व मानसिक विकास में सहायक होते हैं।


बढ़ती उम्र के बच्चों के लिए जंक फूड की आदत उनके सेहत की दृष्टि से उचित नहीं होते हैं। अत: प्राचीन भारतीय आयुर्वेद परंपरा में बच्चों के विकास में बालकाल से ही अनेक महत्वपूर्ण जानकारी निहित हैं।

स्वर्ण प्राशन को लेकर विषय विशेषज्ञ का परामर्श जरूरी है। साथ ही उनके परामर्श व जांच के बाद ही बच्चों को दवा का सेवन कराना चाहिए।

naidunia_image