
लाइफस्टाइल डेस्क। कैंसर का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर असाध्य नहीं, साध्य है। समय पर जांच और सही इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
जरूरत है डरने के बजाय आगे आने की। तंबाकू है सबसे बड़ा दुश्मन क्योंकि मुंह, गले और फेफड़ों के 80 प्रतिशत कैंसर का कारण तंबाकू है। बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी और जर्दा का सेवन घातक है।
तंबाकू में 70 से ज्यादा ऐसे तत्व होते हैं जो कैंसर पैदा करते हैं। कैंसर के अधिकांश मामलों में तंबाकू सेवन करने वाले होते हैं।
शुरुआती लक्षणों को पहचानें जिसमें की मुंह में लंबे समय तक छाला या घाव जो ठीक न हो, आवाज में बदलाव, निगलने में तकलीफ, शरीर में कहीं गांठ या सूजन, लगातार खांसी या वजन कम होना शामिल है।
ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डाॅक्टर से संपर्क करना चाहिए। हर साल 30 साल से ऊपर के सभी लोगों को कैंसर की स्क्रीनिंग करानी चाहिए। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच अनिवार्य है।
सरकारी अस्पताल में निश्शुल्क जांच और बायोप्सी की सुविधा है। कैंसर रोग विशेषज्ञ, डाॅ. अर्पण मिश्रा का कहना है कि तंबाकू का सेवन घातक है इससे दूरी अच्छी है।
तंबाकू से दूरी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर जांच ही बचाव है। याद रखें, तंबाकू छोड़ें, जीवन जोड़ें। डर छोड़ें, जांच कराएं।