
लाइफस्टाइल डेस्क। महिलाओं में लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना और हाथ-पैरों में झनझनाहट होना विटामिन बी12 की कमी के संकेत हो सकते हैं। यह विटामिन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के सही कामकाज के लिए जरूरी है।
खानपान में दूध, दही, पनीर, अंडे और मांसाहार की कमी होने पर इसकी कमी का खतरा बढ़ सकता है। विशेषकर शाकाहारी महिलाओं को अपने आहार पर ध्यान देना चाहिए।
इसकी कमी से खून की कमी, सांस फूलना, जीभ में जलन, याददाश्त और संतुलन से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। लक्षण दिखने पर डाॅक्टर की सलाह से विटामिन बी12 की जांच कराएं।
बिना सलाह के सप्लीमेंट या इंजेक्शन न लें। संतुलित आहार, समय पर जांच और उचित उपचार से इस कमी को नियंत्रित किया जा सकता है।

विटामिन-बी12 एक ऐसा विटामिन है, जो हमारे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा है। विटामिन बी12 की कमी से आप मानसिक रूप से अस्वस्थ हो सकते हैं, क्योंकि इसकी कमी से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन का उत्पादन कम होने लगता है।
यह हार्मोन हमें खुश रहने में मदद करता है। बी12 की कमी से न केवल न्यूरोलाजिकल डिसआर्डर की समस्या होती है, बल्कि शरीर में कई अन्य समस्याएं भी दिखने लगती हैं।
बी12 एक ऐसा विटामिन है, जिसकी कमी से आपका नर्वस सिस्टम बिगड़ने लगता है। साथ ही चिंता, अवसाद और स्मृति शक्ति का कमजोर होना शुरू हो जाता है। शरीर में खून की कमी होने लगती है और एनीमिया जैसी बीमारी पैदा होने लगती है।
इसलिए जरूरी है कि आप अपना हीमोग्लोबिन भी सही रखें, ताकि शरीर में पर्याप्त मात्रा में खून मौजूद रहे। बीच-बीच में बी 12 की जांच करें और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट्स भी लें ज्यादा कमी होने पर आप बी12 का नेजल स्प्रे ले सकते हैं।