
लाइफस्टाइल डेस्क। सर्दियों के मौसम में धूप में बैठकर मूंगफली खाना एक लोकप्रिय शगल है। प्रोटीन, फैट और फाइबर से भरपूर होने के कारण इसे अक्सर 'गरीबों का बादाम' और सेहत का खजाना माना जाता है।
लेकिन हालिया स्वास्थ्य परामर्शों के अनुसार, मूंगफली हर किसी के लिए वरदान नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में मूंगफली का सेवन फायदे की जगह गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं वे कौन से 5 तरह के लोग हैं, जिन्हें मूंगफली से दूरी बना लेनी चाहिए।
मूंगफली की एलर्जी सबसे आम और खतरनाक मानी जाती है। जिन लोगों को इससे एलर्जी है, उन्हें इसे खाने से त्वचा पर चकत्ते, खुजली, दस्त या सांस लेने में भारी तकलीफ हो सकती है। ऐसे मरीजों को मूंगफली या उससे बने उत्पादों से पूरी तरह परहेज की सलाह दी जाती है।
हालांकि मूंगफली पोषक तत्वों से भरपूर है, लेकिन इसमें कैलोरी और फैट की मात्रा भी काफी अधिक होती है। यदि आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं या मोटापे से ग्रस्त हैं, तो इसका अधिक सेवन आपके 'कैलोरी काउंट' को बिगाड़ सकता है, जिससे वजन घटने के बजाय बढ़ सकता है।
सामान्य मूंगफली में सोडियम कम होता है, लेकिन बाजार में मिलने वाली ज्यादातर मूंगफली 'रोस्टेड और साल्टेड' (नमकीन) होती हैं। नमक का यह अतिरिक्त सेवन ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा सकता है, जो हृदय रोगियों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
मूंगफली में ओमेगा-6 फैटी एसिड की मात्रा अधिक और ओमेगा-3 की मात्रा कम होती है। शरीर में इन फैटी एसिड्स का असंतुलन सूजन को बढ़ावा दे सकता है। जो लोग पहले से ही जोड़ों के दर्द या शरीर में इन्फ्लेमेशन की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।
मूंगफली में फाइटिक एसिड पाया जाता है। यह तत्व शरीर में जरूरी मिनरल्स जैसे जिंक, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम के अवशोषण (Absorption) की प्रक्रिया में बाधा डालता है। इसके अत्यधिक सेवन से शरीर में इन महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
किसी भी चीज की अति हानिकारक हो सकती है। यदि आप उपरोक्त में से किसी भी श्रेणी में आते हैं, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।