
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नईदुनिया के 'हेलो डॉक्टर' कार्यक्रम में शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय जबलपुर के प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार सिंह ने शीतकाल में स्वस्थ रहने के महत्वपूर्ण परामर्श दिए। उन्होंने बताया कि अश्वगंधा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर वायरल इन्फेक्शन से बचाता है और तनाव कम करता है। डॉ. सिंह ने रसोई के मसालों-अदरक, हल्दी, काली मिर्च और दालचीनी को इम्युनिटी के लिए रामबाण बताया।
उन्होंने सलाह दी कि ठंड में पाचन दुरुस्त रखने के लिए गर्म हर्बल चाय और अदरक के काढ़े का सेवन करें। त्वचा की सुरक्षा हेतु तिल के तेल से मालिश और श्वसन तंत्र के लिए मुलेठी व गिलोय का उपयोग लाभकारी है। मधुमेह रोगियों को त्रिकटु का सेवन सावधानीपूर्वक करने का सुझाव दिया गया है।
सवाल : मुझे अक्सर सर्दी-जुकाम बना रहता है। बलगम की समस्या से खासकर रात को सोते समय परेशानी होती है। कैसे राहत मिलेगी। - महेंद्र सिंह, सिंगरौली
जवाब : पहली बात तो शीतकाल इम्युनिटी की दृष्टि से परेशान करने वाला हो सकता है। खासकर उनके लिए जिन्हें शीत का प्रकोप अक्सर बना रहता है। अत: जरूरी है कि सौंठ, काली मिर्च का उपयोग नियमित करें।

डॉ. मनोज कुमार सिंह
सवाल : रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाई जा सकती है, कुछ उपाय बताएं। - महेंद्र कोष्टा, कटनी
जवाब : गिलोय का गाढ़ा फायदेमंद होता है। त्रिकटु चूर्ण इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर है। क्योंकि यह पाचन को सुधारता है, शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, चयापचय को बढ़ाता है और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है। प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है।
सवाल : मेरे बच्चे की उम्र अभी 6 साल है, वह कफ-कोल्ड की समस्या बनी रहती है। कृपया मार्गदर्शन कीजिए। - राजेश कुमार, जबलपुर
जवाब : गर्म पानी की भांप दें, सीने में सरसों के तेल की मालिश करें और नाभी में भी लगाएं। तुलसी, स्वरस व काली मिर्च फायदा करेगी। बच्चे को ठंड से भी बचाने का प्रयास करें। कोशिश करें कि वह ठंडी हवा से बचे।
सवाल : मेरी उम्र 62 साल है, सांस की तकलीफ बनी रहती है। - गोविंद विश्वकर्मा, सिहोरा
जवाब : जैसा कि आपने बताया कि सांस की तकलीफ है लेकिन अस्थमा नहीं है। ऐसे में जांच जरूरी है। तभी दवा का सेवन हितकर होगा।
सवाल : मुझे श्वास की समस्या इस मौसम में बढ़ जाती है। अस्थमा भी है। - गोविंद पटेल, पथरिया
जवाब : इस मौसम में अस्थमा के रोगियों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। गर्म पानी का सेवन नियमित रूप से करें व बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें।