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'वर्क फ्रॉम होम' से महिलाओं में डिप्रेशन 20% घटा, अकेलापन का खतरा डबल, लेकिन इनके बीच यह वर्किंग मॉडल सबसे परफेक्ट!

रायपुर में आईटी के 400 से अधिक एंप्लॉय पर किए गए एक रिसर्च में पाया गया कि 'वर्क फ्रॉम होम' से महिलाओं के डिप्रेशन में 20% तक की कमी आई है। हालांकि, र...और पढ़ें

By Goswami SahuEdited By: Akriti kumari
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 06:12:15 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 06:12:15 PM (IST)
'वर्क फ्रॉम होम' से महिलाओं में डिप्रेशन 20% घटा, अकेलापन का खतरा डबल, लेकिन इनके बीच यह वर्किंग मॉडल सबसे परफेक्ट!
रिमोट वर्किंग से महिलाओं में डिप्रेशन 20% घटा

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। घर से काम करने (वर्क फ्रॉम होम/रिमोट वर्किंग) की सुविधा आईटी (IT) क्षेत्र के एंप्लॉय के लिए जहां आवाजाही के तनाव से राहत लेकर आई है, वहीं इसके साथ नई मेंटल और भावनात्मक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। रायपुर में आईटी सेक्टर के 400 से अधिक एंप्लॉय पर किए गए एक रिसर्च में यह महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है।

यह रिसर्च डॉ. पूर्ति नागेश द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें रिमोट वर्किंग का एंप्लॉय के मेंटल हेल्थ, सामाजिक जीवन और कार्य-जीवन संतुलन (Work-Life Balance) पर पड़ने वाले प्रभावों का गहराई से विश्लेषण किया गया है।

महिलाओं के लिए राहत: डिप्रेशन में 20% की कमी

रिसर्च के अनुसार, रोजाना ऑफिस आने-जाने के तनाव और समय की बर्बादी खत्म होने से महिलाओं के डिप्रेशन (अवसाद) के स्तर में लगभग 20 % तक की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि, घर से काम करने के दौरान नौकरी के टारगेट (Work Targets) के साथ-साथ घरेलू कामकाज, बच्चों की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों का दोहरा बोझ बना रहता है।

कई मामलों में इस दोहरे दबाव के कारण महिलाओं में मेंटल थकान (Mental Fatigue) और भावनात्मक तनाव में वृद्धि देखी गई है। स्पेशलिसेट के अनुसार, पारिवारिक सहयोग और निजी समय की उपलब्धता हर महिला के मेंटल हेल्थ को अलग तरह से प्रभावित करती है।


बढ़ा अकेलापन और धुंधली हुईं सीमाएं

ऑफिस में टी-ब्रेक (चाय के समय) या लंच के दौरान सहकर्मियों से होने वाली आमने-सामने की बातचीत और टीम बॉन्डिंग खत्म होने से कई कर्मचारी अकेलापन (Loneliness) महसूस कर रहे हैं।

इसके अलावा, घर और दफ्तर के बीच की स्पष्ट सीमाएं (Boundaries) धुंधली होने के कारण वर्क-फ्रॉम-होम में काम के घंटे अनियंत्रित रूप से बढ़ गए हैं, जिसका सीधा असर एंप्लॉय की दिनचर्या और भावनात्मक हेल्थ पर पड़ रहा है।

रिसर्च में स्पष्ट किया गया है कि बेहतर मेंटल हेल्थ बनाए रखने के लिए केवल डिजिटल संपर्क ही नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है।

'हाइब्रिड मॉडल' मेंटल संतुलन का सबसे बेहतर ऑप्शन

रिसर्च में केवल पूरी तरह रिमोट वर्किंग के बजाय 'हाइब्रिड मॉडल' (कुछ दिन ऑफिस और कुछ दिन घर से काम) को सबसे संतुलित और प्रभावी समाधान बताया गया है:

33% एंप्लॉय की पसंद: रिसर्च में शामिल लगभग 33 % एंप्लॉय का मानना है कि हाइब्रिड व्यवस्था उनके निजी और पेशेवर जीवन के बीच बेहतर संतुलन (Work-Life Balance) बनाने में सबसे मददगार है।

फायदा: यह मॉडल समय की बचत और काम में लचीलेपन (Flexibility) का लाभ देने के साथ-साथ सहकर्मियों से प्रत्यक्ष संपर्क और टीम वर्क बनाए रखने का अवसर भी प्रदान करता है।

मेंटल हेल्थ सुधार केलिए मुख्य सुझाव

  • समय सीमा तय करें: घर पर काम के घंटे और निजी/पारिवारिक समय के बीच स्पष्ट अंतर रखें।
  • शारीरिक और सामाजिक गतिविधियां: दिनचर्या में वॉक, एक्सरसाइज और दोस्तों/सहकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत को शामिल करें।
  • हाइब्रिड अपनाएं: कंपनियां एंप्लॉय की सुविधा और मेंटल स्थिति को ध्यान में रखते हुए लचीली हाइब्रिड नीति लागू करें।