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World Heart Day 2026: कम उम्र में भी बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा, हर पांचवां कार्डियक मरीज युवा

20 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी ऐसे मामले तीन से चार प्रतिशत तक सामने आ रहे हैं। कार्डियक सेंटर की ओपीडी में रोजाना आने वाले 100 मरीजों में 15 ...और पढ़ें

By Anoop BhargavEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 12:00:03 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 12:03:04 PM (IST)
World Heart Day 2026: कम उम्र में भी बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा, हर पांचवां कार्डियक मरीज युवा
विश्व हृदय दिवस आज।

HighLights

  1. 30-45 वर्ष के मरीजों में हार्ट अटैक की दर बढ़ी है।
  2. पांच साल में पांच प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत हुई।
  3. जनवरी से अगस्त तक 8 माह में हार्ट अटैक से 339 मौतें।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। दिल की बीमारी अब बढ़ती उम्र के साथ होने वाली बीमारी भर नहीं रह गई है। जया आरोग्य अस्पताल के कार्डियक सेंटर में कम उम्र के मरीजों की बढ़ती संख्या और हृदय रोग विभाग के आंकड़े बदलती तस्वीर सामने ला रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार करीब पांच साल पहले 30 से 45 वर्ष की उम्र के मरीजों में हार्ट अटैक के मामले पांच प्रतिशत के आसपास थे, जो अब करीब 20 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं। 20 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी ऐसे मामले तीन से चार प्रतिशत तक सामने आ रहे हैं। कार्डियक सेंटर की ओपीडी में रोजाना आने वाले 100 मरीजों में 15 से 20 मरीज 45 वर्ष से कम उम्र के होते हैं।

हृदय रोग विभाग के आंकड़े भी मरीजों के बढ़ते दबाव को दर्शाते हैं। वर्ष 2025 में कार्डियक ओपीडी में 20,021 मरीज पहुंचे थे और 6,400 नए मरीज भर्ती किए गए। इस दौरान 13,671 इको जांच हुईं और 388 मरीजों की मौत दर्ज की गई। वहीं जनवरी से अगस्त 2026 तक 14,313 मरीज ओपीडी में पहुंच चुके हैं। आठ माह में 4,556 नए मरीज भर्ती हुए और 11,675 इको जांच की गईं। इस अवधि में 339 मरीजों की मौत दर्ज हो चुकी है। जनवरी में सर्वाधिक 59 मौतें हुई थीं।


मरीज बढ़े, लेकिन टीएमटी जांच का आंकड़ा शून्य

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में 224 टीएमटी जांच हुई थीं। हालांकि अक्टूबर से दिसंबर तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं रही। वर्ष 2026 के जनवरी-अगस्त में टीएमटी जांच का आंकड़ा शून्य है। हृदय रोगियों की बढ़ती संख्या के बीच जांच सुविधा की उपलब्धता का यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है। वहीं इको जांचों का दबाव भी बढ़ा है। 2025 में पूरे साल 13,671 इको हुई थीं, जबकि 2026 के आठ महीनों में ही 11,675 जांच हो चुकी हैं।

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युवा उम्र में ही जोखिम बढ़ाने वाली आदतें

युवाओं में हार्ट अटैक के पीछे धूम्रपान, शराब और अन्य नशे, लगातार मानसिक तनाव, नींद की कमी, प्रोसेस्ड और तैलीय भोजन, अनियंत्रित मधुमेह व कोलेस्ट्राल तथा व्यायाम की कमी जैसे कारण प्रमुख हैं। उनका कहना है कि बदलती जीवनशैली के कारण कम उम्र में ही हृदय रोग के जोखिम बढ़ रहे हैं।

गौरव कवि भार्गव, कार्डियोलाजिस्ट, जेएएच

रोजाना 30 मिनट व्यायाम पर जोर

युवाओं को हृदय रोग से बचाव के लिए जीवनशैली में समय रहते बदलाव करना चाहिए। रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन, 7 से 8 घंटे की नींद और तंबाकू, शराब व ड्रग्स से दूरी जरूरी है। तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन को भी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

पुनीत रस्तोगी, विभागाध्यक्ष, कार्डियक सेंटर, जेएएच

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फैक्ट फाइल

30-45 वर्ष: हार्ट अटैक के मामले करीब 5 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंचे

20-30 वर्ष: अब 3-4 प्रतिशत तक मामले सामने आ रहे

कार्डियक ओपीडी: रोजाना 100-110 मरीज

45 वर्ष से कम: रोजाना 15-20 मरीज

आंकड़ा वर्ष 2025 जनवरी-अगस्त 2026

ओपीडी मरीज 20,021 14,313

नए भर्ती मरीज 6,400 4,556

इको जांच 13,671 11,675

टीएमटी जांच 224 0

मौतें 388 339