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भोपाल में हर तीसरा व्यक्ति कमर दर्द से परेशान… IT और सरकारी कर्मचारियों में सबसे अधिक मामला, जानें क्यों बढ़ रहा खतरा

वर्ल्ड स्पाइन डे पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, बदलती जीवनशैली, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने और सही पोस्चर न होने के कारण हर तीसरा व्यक्ति कमर दर्द से प...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: Akriti kumari
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 06:52:53 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 06:52:52 PM (IST)
भोपाल में हर तीसरा व्यक्ति कमर दर्द से परेशान… IT और सरकारी कर्मचारियों में सबसे अधिक मामला, जानें क्यों बढ़ रहा खतरा
IT, बैंक और सरकारी कर्मचारियों में तेजी से बढ़ रही कमर दर्द की समस्या।

लाइफस्टाइल डेस्क। वर्ल्ड स्पाइन डे (World Spine Day) के अवसर पर भोपाल के हेल्थ एक्सपर्ट्स ने एक चेतावनी जाकी की है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बदलती कार्यशैली, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने की आदत और गलत पोस्चर रीढ़ की हड्डी (Spine) की सेहत पर असर पड़ रहा है। भोपाल में स्थिति चिंताजनक है, जहां हर तीसरा व्यक्ति कमर दर्द और रीढ़ संबंधी समस्याओं से ग्रसित है।

भोपाल के प्रमुख हॉस्पिटल्स- AIIMS (एम्स भोपाल) में रोज लगभग 200 मरीज तथा हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक मरीज कमर दर्द और स्पाइन की समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

IT, बैंकिंग और सरकारी कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित

स्पेशलिस्ट के अनुसार, रीढ़ की हड्डी की समस्याएं अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही हैं।

IT कंपनियों, बैंक, कॉर्पोरेट और सरकारी कार्यालयों में 8 से 10 घंटे तक लगातार बैठकर काम करने वाले कर्मचारी और प्रतिदिन लंबे समय तक दोपहिया वाहन (बाइक/स्कूटर) चलाने वाले लोग इससे परेशान है। 2020 में दुनिया भर में 61.9 करोड़ लोग कमर दर्द से पीड़ित थे। अनुमान है कि साल 2050 तक यह संख्या बढ़कर 84 करोड़ से अधिक हो जाएगी।


गलत पोस्चर से डिस्क पर दबाव और पेनकिलर का खतरा

डा. सौरभ बीडकर (ब्रेन एंड स्पाइन सर्जन)- लंबे समय तक झुककर बैठने और रीढ़ को सही सहारा (Back Support) न देने से रीढ़ की हड्डियों के बीच की डिस्क और मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव बढ़ता है। रीढ़ की मांसपेशियों को सक्रिय न रखने से कम उम्र में ही डिस्क स्लिप या स्पोंडिलाइटिस की समस्या हो रही है।

डा. सुनील पांडेय (स्पाइन केयर एक्सपर्ट और फिजियोथेरेपिस्ट)- अक्सर लोग कमर दर्द होने पर बिना डॉक्टरी सलाह के पेनकिलर (दर्द निवारक गोलियां) खाकर काम चलाते रहते हैं। दर्द को गोलियों से दबाने से बीमारी अंदर ही अंदर गंभीर रूप ले लेती है और सही समय पर इलाज में देरी हो जाती है।

बिना बड़े ऑपरेशन दर्द से राहत

हमीदिया अस्पताल के पेन मैनेजमेंट क्लीनिक में बिना बड़ी सर्जरी के रीढ़ के दर्द से राहत दिलाने वाली अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है-

  • पेन मैनेजमेंट विशेषज्ञ डा. जयदीप सिंह के अनुसार, इस प्रक्रिया में एक विशेष सुई (Needle) के माध्यम से प्रभावित नस के पास जाकर दर्द का संकेत देने वाली नसों के सिग्नल को नियंत्रित/ब्लॉक किया जाता है।
  • निदान: यह प्रक्रिया हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती। एमआरआई और चिकित्सकीय जांच के बाद ही तय किया जाता है कि मरीज को फिजियोथेरेपी, दवा, रेडियोफ्रीक्वेंसी प्रक्रिया या सर्जरी की आवश्यकता है।

स्पाइन को स्वस्थ रखने के लिए स्पेशलिस्ट के 5 सुझाव

  • 90-डिग्री पोस्चर अपनाएं: कुर्सी पर बैठते समय पीठ को सीधा रखें और कमर के निचले हिस्से को सहारा (Lumbar Support) दें।
  • 30 मिनट का ब्रेक लें: हर 30-45 मिनट लगातार बैठने के बाद 2 मिनट के लिए खड़े हों, स्ट्रेचिंग करें या थोड़ा टहलें।
  • कमर और गर्दन का व्यायाम: दैनिक दिनचर्या में कोर मसल्स (Core Muscles) और बैक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज को शामिल करें।
  • हेलमेट और राइडिंग पोस्चर: बाइक चलाते समय रीढ़ को बिल्कुल सीधा रखें और गड्ढों से बचें।
  • स्व-चिकित्सा से बचें: कमर दर्द होने पर बार-बार पेनकिलर खाने के बजाय शुरुआती चरण में ही फिजियोथेरेपिस्ट या स्पाइन विशेषज्ञ से परामर्श लें।