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भगोरिया उत्सव के बाद भी नहीं थमी 'औकात' की तल्खी, विजयवर्गीय और सिंघार के बयानों में वही तेवर

आलीराजपुर के भगोरिया मेले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच ‘औकात’ विवाद फिर उभरा। दोनों ने एक-दूसरे पर तीखे बयान दिए, ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 04 Mar 2026 08:02:52 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Mar 2026 08:02:52 AM (IST)
भगोरिया उत्सव के बाद भी नहीं थमी 'औकात' की तल्खी, विजयवर्गीय और सिंघार के बयानों में वही तेवर
शांत नहीं हो रहा 'औकात' विवाद

HighLights

  1. भगोरिया मेले में फिर गरमाया ‘औकात’ विवाद
  2. सिंघार ने मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की
  3. विजयवर्गीय बोले, राजनीति नहीं संस्कृति देखने आया

आलीराजपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ढोल-मांदल की थाप और टेसू के फूलों की लाली के बीच भगोरिया के उत्सव में नेता साथ तो आए लेकिन तल्खी भी साथ दिखी। विधानसभा के बजट सत्र में जो 'औकात' वाला विवाद शुरू हुआ था, उसकी आंच आलीराजपुर के भगोरिया मेले तक पहुंची, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एक बार फिर आमने-सामने आ गए।

सोमवार को भगोरिया के उत्सवी माहौल में जब दोनों नेता मेले में एक दूसरे के सामने पड़े, तो सिंघार ने सीधे पूछ लिया 'यहां आदिवासियों का अपमान करने, उनकी औकात दिखाने या माफी मांगने आए हैं?' विजयवर्गीय ने खुद को शांत रखते हुए जवाब दिया कि वह यहां राजनीति करने नहीं, भगोरिया देखने आए हैं।


विजयवर्गीय ने नहीं मांगी माफी

जुबान पर वही तेवर मेले से लौटने के बाद दिखे। बयानों की तल्खी कम नहीं हुई। सिंघार ने मंगलवार को नईदुनिया से चर्चा में कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी हितों की अनदेखी करती आई है। विजयवर्गीय का भगोरिया आना महज दिखावा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विजयवर्गीय ने अब तक अपने 'औकात' वाले बयान पर माफी नहीं मांगी है। माफी तो मुख्यमंत्री ने सदन में मांगी थी।

इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर से पलटवार किया। बोले 'मैं हर साल भगोरिया में आता हूं, इस बार भी आया। यह हमारी आदिवासी संस्कृति का जीवंत उत्सव है।' साथ ही यह भी जोड़ा कि जिस तरह नेता प्रतिपक्ष बयानबाजी कर रहे हैं, वह उनकी छोटी मानसिकता को दर्शाता है।

यहां से शुरू हुआ विवाद

  • विधानसभा सत्र में बात शुरू हुई बिजली खरीद के एक समझौते से। सिंघार ने सिंगरौली में अडाणी ग्रुप के साथ हुए करार पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा। दावा था कि अगले 25 सालों में कंपनी को सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस पर बहस तेज होते ही विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को 'अपनी औकात में रहने' की टिप्पणी कर दी। सिंघार ने पलटवार किया- 'मैं तुम्हें औकात दिखा दूंगा।' कार्रवाई सात बार स्थिगित करनी पड़ी।
  • सिंघार ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा- 'मेरी औकात मप्र की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहकारी सत्ता के सामने मुखरता से रखने की है।' विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोम्र ने भी नाराजगी जताई। कहा कि 'संसदीय कार्य मंत्री अनुभवी हैं, लेकिन आज मर्यादा की सीमा टूटी है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सदन में सभी की ओर से माफी मांगी।