
नईदुनिया प्रतिनिधि,अनूपपुर। सतपुड़ा और विंध्य की मनोरम पहाड़ियों पर समुद्र तल से 1048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र नगरी अमरकंटक में ठंड ने एक बार फिर अपना प्रचंड रूप दिखाया है। तापमान में अचानक आई गिरावट के चलते सोमवार सुबह अमरकंटक में बर्फ जमी नजर आई। नर्मदा नदी तट, मैदानों और खुले स्थानों पर रात का पाला जम गया, जबकि घास पर ओस बर्फ की तरह जमी रही। सुबह पूरा क्षेत्र अत्यंत गलन भरे वातावरण में डूबा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार अमरकंटक का न्यूनतम तापमान एक बार फिर शून्य डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। नववर्ष के बाद लगातार तीन दिनों तक घने काले बादलों की मौजूदगी से ठंड से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन जैसे ही बादल छंटे, ठंड ने रौद्र रूप धारण कर लिया। इसका असर यह रहा कि घास-फूस, पत्तियों, छानी-छप्परों, तिरपाल, टीन की छतों और चौपहिया वाहनों की छत व कांच पर बर्फ की मोटी परत जम गई।
रामघाट, माई की बगिया, जमुना दादर, कपिलधारा, अरंडी संगम, वन एवं उद्यानिकी विभाग की नर्सरी समेत कई क्षेत्रों में सुबह घास और पत्तियों पर जमी बर्फ रुई की तरह दिखाई दी। इससे अमरकंटक की वादियां शिमला, कुल्लू और मनाली जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रही हैं। चारों ओर सफेद चादर में ढका प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बन रहा है।
कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थ यात्री मां नर्मदा के पावन जल में डुबकी लगाते हुए स्नान और दर्शन करते नजर आए। ठंडी हवाओं के बीच भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
जमी बर्फ, ठंडी हवाएं और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से सजी अमरकंटक नगरी इन दिनों पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां पहुंचने वाला हर व्यक्ति इस अनोखी ठंड और प्रकृति के अनुपम नजारों से अभिभूत नजर आ रहा है।