
Anuppur News : नईदुनिया प्रतिनिधि,अनूपपुर। नाबालिग को बहलाकर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और धर्म परिवर्तन करने का प्रयास किया। इसके मामले में सोमवार को विशेष न्यायालय (अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) रविन्दर सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनूपपुर के न्यायालय ने थाना कोतवाली अनूपपुर के अपराध धारा अपहरण,दुष्कर्म,पाक्सो एक्ट,एससी एसटी एक्ट तथा मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के आरोपित सैय्यद उर्फ असगर अली पुत्र सैय्यद ताजुद्दीन अली 35 वर्ष निवासी पुरानी बस्ती अनूपपुर को शेष प्राकृत जीवनकाल तक के लिये आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 1 लाख 33 हजार रुपये के जुर्माने का आदेश भी दिया है। इस प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी विशेष लोक अभियोजक हेमन्त अग्रवाल द्वारा की गई।
न्यायालय की तरफ से आए फैसले के बारे में प्रभारी जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने सोमवार को बताया कि 10 जून 2021 को 16 वर्ष पांच माह की नाबालिग पता हो गई थी। पिता ने अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध थाना कोतवाली में प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखवाई थी। अन्वेषण के दौरान घटना के लगभग 50 दिन पश्चात मिलने पर पीड़िता ने बताया कि आरोपित असगर अली ने शादी का झांसा देकर अंबिकापुर ले गया और वहां उसके साथ उसने कई बार दुष्कर्म किया और धर्म परिवर्तन कराए जाने की बात कहीं, जिसके आधार पर प्रकरण में अपराध से संबंधित धाराओं को बढ़ाते हुए, पीड़िता सहित साक्षियों के कथन लेखबद्ध कर, आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य का संकलन कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपित को जमानत का लाभ नहीं दिया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनने और अभिलेख पर आए समस्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपित को सजा सुनाई गई। वहीं घटना के समय पीड़िता 16 वर्ष की बालिका थी जबकि आरोपित 35 वर्ष का था, जिस पर न्यायालय ने दण्ड के साथ पीड़िता के पुर्नवास के लिये प्रतिकर दिए जाने निर्देशित किया, साथ ही अपराध में प्रयुक्त बाइक को विक्रय कर विक्रय की राशि को भी राजसात करने का आदेश दिया। इसी तरह न्यायालय ने आरोपित को अलग-अलग धाराओं में शेष प्राकृत जीवनकाल तक के लिये आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं।