अशोकनगर, नवदुनिया प्रतिनिधि। करीला धाम में रंगपंचमी के अवसर लगने वाला तीन दिवसीय मेला शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। पहले दिन करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में पहुंचकर मन्नतें मांगी और मां के दर्शन किए। इस मेले में रंगपंचमी के दिन सर्वाधिक श्रद्धालु उमड़ते हैं। शनिवार को रंगपंचमी के अवसर पर करीब 20 लाख श्रद्धालुओं के करीला आने का अनुमान देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाएं की हैं। करीला तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की तुलना में वाहन नाकाफी है, ऐसे में ओवरलोडिंग वाहनों में लोगों को करीला जाते हुए देखा गया।करीला में मां जानकी के दरबार में भरने वाला मेला मुख्य रूप से रंगपंचमी के दिन ही भरता है।
ओवरलोडेड वाहनों में पहुंच रहे श्रद्धालु
चांदनी रात में होने वाले राईनृत्य को देखने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में करीला पहुंचते हैं। लेकिन करीला पहुंचने के लिए यातायात के सीमित संसाधन होने के कारण श्रद्धालुओं को करीला पहुंचने में काफी परेशानी आती है। यही कारण है कि करीला जाने वाले वाहनों में श्रद्धालुओं को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है साथ ही किराया भी ज्यादा लिया जाता है। मजबूरी में श्रद्धालु इन वाहनों में सवार हो जाते हैं यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी वाहन मालिकों की इस मनमानी और यातायात नियमों के उल्लंघन की ओर ध्यान नहीं देते। ट्रैक्टर-ट्राली, मैजिक वाहन, छोटा हाथी सहित अन्य वाहनों में श्रद्धालु क्षमता से अधिक भरे हुए थे। अशोकनगर, मुंगावली, विदिशा आदि की ओर से आने वाले वाहनों में ऐसे नजारे देखे गए।
पहली बार करीला मेला में दौड़ रहीं मोबाइल फायरब्रिगेड
करीला मेला में पहली बार आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस द्वारा मोबाइल फायरब्रिगेड का इंतजाम किया गया है। ग्वालियर से आईं इन दो मोबाइल फायरब्रिगेड को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया है। लाखों की संख्या में मेले में श्रद्धालुओं के आने से बड़े वाहनों के आवागमन में समय लगता है। ऐसे में आपातकालीन समय में ये मोबाइल फायरब्रिगेड कम समय में आसानी से पहुंचकर जरूरत के समय अपना काम कर सकेंगे। जिले की तहसील बहादुरपुर की ग्राम पंचायत जसैया के करीला धाम स्थित माता जानकी मंदिर में रंगपंचमी में आज लाखों श्रद्धालु पहुंचकर मां जानकी के दर्शन करेंगे।
कंट्रोल रूम हेल्पलाइन नंबर
मां जानकी मंदिर करीला धाम मेला में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित रहेगा। मेला में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर श्रद्धालु इन नंबरों 9238342862, 9301127067, 8319704287, 7724885561, 9302454224, 9303691335 पर शिकायत कर सकते हैं।
सात सेक्टर में बांटा है मेला
मेला परिसर में श्रद्धालुओं के आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए 07 सेक्टर बनाये गये हैं, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों का दल बनाकर ड्यूटी लगाई है। साथ ही मेला परिसर में जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है। मेला में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए अस्थाई अस्पताल बनाये गये हैं। मेला में अलग-अलग स्थान चिन्हित कर 11 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। मेला परिसर में निगरानी के लिए ड्रोन एवं सीसीटीव्ही कैमरे से निगरानी रखी जा रही है। करीला मेला में श्रद्धालुओं का आना निरंतर जारी है। मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था के बेहतर इंतजाम किए गए हैं।
वीआइपी पार्किंग का रास्ता खतरनाक
भले ही मेले की तैयारियां तीन माह पहले से चलती रहीं लेकिन अधिकारियों के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसका ताजा उदाहरण मंदिर के पीछे बनी व्हीआईपी पार्किंग के रास्ते में दिखाई दिया जहां बड़े-बड़े शोल्डर और गड्ढों से होकर वाहनों को चढ़ना पड़ रहा है। इस दौरान वाहनों के चैंबर टकराने का खतरा बना हुआ है। जो शनिवार की शाम तक नहीं सुधारा जा सका।
तीन दिन के लिए बसाए गए नगर में ये भी
-डे-शेल्टर होम के प्रथम तल पर 20 पलंग की अस्थाई अस्पताल बनाई गई है, वहीं ओपीडी में 6 पलंग और छह जगहों पर स्वास्थ्य काउंटर बनाए।
-इलाज के लिए 20 डॉक्टर सहित 138 स्वास्थ्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही नौं एम्बुलेंस, ऑक्सीजन सिलेंडर, जीवन रक्षक दवाओं की व्यवस्था भी है।
-पेयजल के लिए 100 स्थानों पर टोंटियां लगाई गई हैं और 300 टेंकरों की व्यवस्था की गई है। हालांकि टेंकरो की व्यवस्था बी प्लान में रखी गई है।
-200 सीसीटीवी कैमरों से मेले पर नजर रखी जा रही, दो ड्रोन भी लगाए गए हैं, जिनसे मेले पर नजर रखी जा रही है।
-मेला में निगरानी रखने के लिए इस बार 11 घुड़सवार पुलिसकर्मी भी तैनात।