
सचिन शर्मा, अशोकनगर। चंदेरी की हस्त शिल्पकला फिर विश्व पटल पर अपनी चमकदार उपस्थिति दर्ज करा रही है। दिल्ली में हो रही जी-20 समिट में शामिल राष्ट्राध्यक्षों व राजनयिकों का स्वागत चंदेरी के बुनकरों द्वारा तैयार किए गए अंगवस्त्रों (स्टाल्स) से ही किया जा रहा है। करीब छह माह पहले चंदेरी के बुनकरों को डिजाइन दी गई थी।
20 बुनकरों ने दिन-रात की मेहनत से तय समय सीमा में दो हजार अंगवस्त्र तैयार कर दिए, जिन्हें जुलाई में ही दिल्ली भिजवा दिया गया। अब चंदेरी के बुनकरों की अंगुलियों का हुनर विदेशी मेहमानों के कंधों पर शोभायमान हो रहा है। जी-20 समिट को लेकर जितना उत्साह पूरे देश में बना हुआ है, उतना ही उत्साह चंदेरी और विशेष तौर पर यहां के उन बुनकरों में भी है।
बुनकर अमीनउद्दीन अंसारी ने बताया कि छह माह पहले हमें मप्र हस्त शिल्प विकास निगम द्वारा तैयार की गई डिजाइन के आधार पर दो हजार लोटस के मोनो वाले स्टाल बनाने का आर्डर दिया गया। तब हमें भी यह पता नहीं था कि हमारे द्वारा बुने स्टाल्स कहां जाएंगे। हमें एक स्टाल को बनाने में पूरा एक दिन लगता है। हमें शनिवार को ही पता चला कि हमारे द्वारा बुने अंगवस्त्रों से विदेशी मेहमानों का स्वागत हो रहा है, इससे हमारी खुशी दोगुनी हो गई है।
From Intricate Carvings to Delicate Embroidery, the #G20 Crafts Bazaar at #BharatMandapam is a Kaleidoscope of India's Immemorial Craft Heritage.
Bagh Printing, Chanderi Weaving from Madhya Pradesh and Dhokra Craft from Chattisgarh are all set to feature at the Crafts Bazaar,… pic.twitter.com/N5abnY4gZK
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) September 6, 2023
चंदेरी हस्त शिल्प विकास निगम के सेल्स एक्जीक्यूटिव रामेश्वर परिहार के अनुसार बाजार में एक स्टाल की कीमत करीब 1216 रुपये है। स्टाल्स बनाने के लिए बुनकरों को कच्ची सामग्री निगम द्वारा प्रदान की गई। हाथ की महीन कला के बदले बुनकरों को प्रतिदिन करीब 530 रुपये मेहनताना मिलता है। इससे पहले वर्ष 2010 में जब देश ने कामन वेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी, तब भी विजेता खिलाड़ियों को मेडल के साथ चंदेरी में बने अंगवस्त्र प्रदान किए गए थे।