
नईदुनिया प्रतिनिधि, अशोकनगर। पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को पूरा ईंधन मिल रहा है या नहीं, इसकी निगरानी पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अशोकनगर-विदिशा रोड पर तारा सदन स्कूल के सामने स्थित पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं ने मशीन में गड़बड़ी कर कम पेट्रोल-डीजल देने के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नोजल उठाते ही मशीन में रीडिंग दौड़ने लगती है, जबकि ईंधन डालने की प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई होती। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह उपभोक्ताओं के साथ गंभीर अनियमितता का मामला है।
शनिवार दोपहर प्रमेन्द्र शर्मा 250 रुपये का डीजल लेने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि नोजल उठाते ही मशीन में 44 रुपये की रीडिंग दिखाई देने लगी। उनके अनुसार, माप करने पर बर्तन में करीब 90 ग्राम डीजल ही मिला। घटना के बाद उन्होंने मशीन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
इससे पहले सौरभ जैन ने भी इसी पंप पर ऐसी ही परेशानी की शिकायत की थी। उनका कहना है कि स्कूटी में 100 रुपये का पेट्रोल डलवाने के दौरान नोजल उठाते ही 33 रुपये की रीडिंग दिखाई देने लगी। विरोध करने पर कर्मचारियों ने दोबारा पेट्रोल डालने का प्रयास किया। उनके मुताबिक, बाद में उनसे उतनी ही राशि ली गई, जितने का पेट्रोल दिया गया।
मामले की जानकारी मिलने पर संचालक अमन बंसल ने मुनीम को मौके पर भेजा। उपभोक्ताओं के अनुसार मुनीम ने माफी मांगी। वहीं, संचालक ने मशीन की एसटीपी खराब होने को समस्या का कारण बताते हुए कहा कि पंप बंद कर कंपनी को सूचना दी जाएगी। इंजीनियर से मशीन की मरम्मत कराने के बाद ही ईंधन वितरण शुरू किया जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मशीन में तकनीकी खराबी थी, तो इसकी पहचान पहले क्यों नहीं हुई? क्या नियमित जांच में मशीन की कार्यप्रणाली की पड़ताल की गई थी? उपभोक्ताओं ने मामले की शिकायत संबंधित विभाग में करने की बात कही है। अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और नापतौल विभाग की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि मशीन में तकनीकी खराबी थी या ईंधन की माप में कोई अनियमितता हुई।