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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बालाघाट में मुआवजा राशि दिलाने के नाम पर बीट गार्ड ने मांगे 3.5 लाख, ईओडब्ल्यू ने पकड़ा

बालाघाट में वन विभाग के बीट गार्ड मत्तम नगपुरे को ईओडब्ल्यू ने रिश्वत लेते पकड़ा। नवेगांव के राजेन्द्र धुर्वे से मुआवजा राशि दिलाने के नाम पर 3.5 लाख ...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 18 Sep 2025 01:30:56 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Sep 2025 01:34:50 PM (IST)
बालाघाट में मुआवजा राशि दिलाने के नाम पर बीट गार्ड ने मांगे 3.5 लाख, ईओडब्ल्यू ने पकड़ा
लालबर्रा में बैंक के सामने धराया बीट गार्ड, पीड़ित के खाते से पैसे निकालने फार्म भरने आया था। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. बीट गार्ड ने 4 लाख रुपये की मांग की, 3.5 लाख में डील हुई।
  2. एसबीआई बैंक के बाहर बीट गार्ड को रंगेहाथ पकड़ा।
  3. वन्यप्राणी हमलों के चलते गांव का विस्थापन हो रहा है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। लालबर्रा के नवेगांव के ग्रामीणों के विस्थापन प्रक्रिया में मिली राशि दिलाने के नाम पर वन विभाग के एक बीट गार्ड को ईओडब्ल्यूडी जबलपुर ने रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। गुरुवार को दोपहर 11.30 बजे ये कार्रवाई हुई। टीम ने पश्चिम वन परिक्षेत्र लालबर्रा के बीट गार्ड मत्तम नगपुरे को उस समय ट्रैप किया, जब वह नवेगांव के राजेन्द्र धुर्वे के साथ एसबीआई बैंक आया था।

वह राजेन्द्र से तीन लाख रुपये निकालने के लिए आहरण पर्ची भरा रहा था, तभी ईओडब्ल्यूडी की टीम ने उसे बैंक के बाहर पकड़ लिया। डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि आरोपित बीट गार्ड राजेन्द्र से मुआवजा राशि दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये की मांग कर रहा था। ये डील 3.5 लाख रुपये हुई। बीट गार्ड राजेन्द्र से पहले ही 50 हजार रुपये ले चुका है। शेष तीन लाख रुपये के लिए वह ग्रामीण के साथ गुरुवार को बैंक पहुंचा था।


विस्थापन किया जा रहा है

वह ग्रामीण से उसे खाते में आई मुआवजा राशि से तीन लाख रुपये निकालने का दबाव बना रहा था। बता दें कि बाघ सहित अन्य वन्यप्राणियों के बढ़ते हमलों को देखते हुए सोनेवानी, चिखलाबड्डी और नवेगांव का विस्थापन किया जा रहा है। इन तीनों गांवों के ग्रामीणों को 15-15 लाख रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से शासन से मुआवजा राशि दी जा रही है।

नवेगांव के जिस राजेन्द्र से बीट गार्ड ने चार लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी, उसके परिवार में पांच सदस्यों को 15-15 लाख के हिसाब से 75 लाख रुपये मिलने हैं। इसमें 20 लाख रुपये राजेन्द्र के बैंक खाते में आ चुके हैं। शेष 55 लाख रुपये की राशि दिलाने के नाम पर बीट गार्ड ग्रामीण से चार लाख रुपये की डिमांड कर रहा था। ईओडब्ल्यू की टीम लालबर्रा के रेस्टहाउस में आरोपित बीट गार्ड से पूछताछ कर रही है।