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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

600 रुपये के जूतों के लिए 11 साल लड़ा केस... दुकान मालिक ने जूते लेने से मना किया था, अब देने पड़े 3040 रुपये

मध्‍य प्रदेश के जिला उपभोक्ता फोरम बालाघाट के 11 साल पुराने एक रोचक मामले में दिए गए फैसले को मप्र राज्य उपभोक्ता आयोग ने सही माना है। आयोग ने जिला फो...और पढ़ें

By Yogesh Kumar GautamEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 13 Aug 2024 10:11:37 AM (IST)Updated Date: Tue, 13 Aug 2024 12:48:12 PM (IST)
600 रुपये के जूतों के लिए 11 साल लड़ा केस... दुकान मालिक ने जूते लेने से मना किया था, अब देने पड़े 3040 रुपये
आवेदक शिवराज ठाकुर जिला फोरम के निर्णय से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने मप्र राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की थी।

HighLights

  1. फोरम ने चार सितंबर 2013 को शिवराज ठाकुर के पक्ष में निर्णय किया था।
  2. छह प्रतिशत ब्याज व शारीरिक-मानसिक क्षति, अपील का व्यय भी देना होगा।
  3. बालाघाट के ज्योति फुट वेयर से खरीदे गए एक जोड़ी जूते खराब निकल गए थे।

नईदुनिया, बालाघाट (Balaghat Newa)। बालाघाट जिला उपभोक्ता फोरम 11 साल पुराने एक रोचक मामले में फैसला देकर चर्चा में आ गया है। शहर के ज्योति फुट वेयर से खरीदे गए एक जोड़ी जूते खराब होने पर ग्राहक उसे लौटाने दुकान गया था। मगर, दुकानदार ने ऐसा करने से मना कर दिया था। उपभोक्ता फोरम ने अब ग्राहक को 600 रुपये की राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है।

इसके अलावा शारीरिक और मानसिक क्षति के लिए एक हजार रुपये का मुआवजा और अपील का खर्च एक हजार रुपये अलग से देने का आदेश दुकानदार को दिया गया है। आवेदक शिवराज ठाकुर ने पहले इस मामले में जिला फोरम में शिकायत की थी। मगर, वहां के फैसले से संतुष्ट नहीं होने पर उन्होंने मप्र राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की थी।


दुकानदार पर 3,040 रुपये का जुर्माना लगाया, भरना पड़ा

इस मामले में फैसला आने में 11 साल लग गए। आखिरकार मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, भोपाल ने दुकानदार पर 3,040 रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें 600 रुपये की मूल राशि के साथ 6% वार्षिक ब्याज, 1,000 रुपये शारीरिक और मानसिक पीड़ा के लिए और 1,000 रुपये अपील व्यय के लिए शामिल हैं।

चार सितंबर 2013 को शिवराज ठाकुर के पक्ष में निर्णय किया था

आयोग ने 13 जुलाई 2023 को दिए निर्णय में जिला फोरम के फैसले को सही ठहराया। इसके बाद ज्योति फुट वेयर द्वारा आवेदक शिवराज ठाकुर को दो दिन पहले 3040 रुपये प्रदान किए। फोरम के सदस्य डॉ. महेश चांडक ने बताया कि शिवराज ठाकुर ने ज्योति फुटवेयर से 14 मई 2013 में एक जोड़ी जूते खरीदे थे, लेकिन जूते खराब थे और प्रतिष्ठान ने जूते वापस लेने से मना कर दिया।

प्रतिष्ठान को जमानती वारंट जारी हुआ था

शिवराज ने जिला उपभोक्ता फोरम का सहारा लिया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष श्यामाचरण, उपाध्याय सदस्य डॉ. महेश कुमार चांडक और हर्षा बिजेवार डोहारे के बैंच ने निष्पादन आदेश किया। इसके लिए प्रतिष्ठान को जमानती वारंट जारी हुआ था। प्रतिष्ठान मालिक ने न्यायालय में उपस्थित होकर आवेदक को 3040 रुपये की राशि प्रदान की है।