
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। मीडिया से चर्चा में अभिजीत ने कहा- शासन-प्रशासन ने बालाघाट के आदिवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं, पीने के पानी, दवा, टीकाकरण हर क्षेत्र में नजरअंदाजी दिखाई है। अब क्या अपने देश में जनता को दवा-पानी के लिए भी आंदोलन करना पड़ेगा?
एयरपोर्ट, पीएम हाउस, पार्लियामेंट चमका देने से विकास नहीं होगा। अगर भारत को वाकई में विश्व गुरु बनाना है, तो आदिवासियों की जिंदगी को बेहतर करिए, उनके बच्चों को शिक्षा दीजिए, उनके अवसर दीजिए।
बालाघाट के वनांचल में बीमारी से मासूम बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मुद्दा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। शनिवार को काॅकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके बालाघाट पहुंचे। उन्होंने प्रभावित गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों से स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानीं।
बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत की जिम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों की है। आजादी के 80 वर्षों बाद भी देश में समय पर टीकाकरण नहीं हो रहा, दवाइयां नहीं मिल रहीं। 40 किमी दूर स्वास्थ्य केंद्र हैं।
बैगा बच्चों की मौत के मुद्दे पर अभिजीत ने कहा कि ये संवेदनशील विषय है। काॅकरोज जनता पार्टी आदिवासियों के साथ है। पार्टी उनका साथ देगी। इस जमीन पर पहला हक आदिवासियों का है। हम नेताओं को इसलिए नहीं चुनते, कि वह विधायक या सांसद बनते ही करोड़ों के घर बनाएं।
हम उन्हें इसलिए चुनते हैं कि वह जनता की सेवा करें। बैगा आदिवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। हमने नेताओं को उनकी सेवा करने के लिए भेजा है। देश में बदलाव का दौर आ रहा है।
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