कटंगी। नईदुनिया न्यूज।
कटंगी-तिरोड़ी रेल परियोजना के भूमि अधिग्रहित किसान परिवार के बेरोजगार युवाओं ने 12 जनवरी से कटंगी बायपास पर भूख हड़ताल करने की पूरी तैयारी कर चुके है। जिसके चलते इन बेरोजगार युवाओं ने बुधवार को कटंगी थाना पहुंचकर भूख हड़ताल की सूचना दी है। दरअसल, रेल प्रशासन ने कटंगी-तिरोड़ी रेल परियोजना के लिए 207 किसानों से साल 2015 में भूमि अधिग्रहित की थी। जिसमें से 42 किसान परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी मिल चुकी है, लेकिन 163 किसानों को मात्र मुआवजा ही प्रदान किया गया है। इन किसानों के परिवार के एक सदस्य ने भी नौकरी के लिए आवेदन किया था। मगर रेल प्रशासन इन्हें अब तक नौकरी नहीं दे पाया है जबकि बेरोजगार युवा कई बार डीआरएम कार्यालय नागपुर और बिलासपुर के चक्कर काट चुके है। समय पर नौकरी नहीं मिलने से आक्रोशित बेरोजगार युवा और किसान 12 जनवरी से भूख हड़ताल पर बैठने की पूरी तैयारी कर चुके है। मंगलवार को इन बेरोजगार युवाओं ने कलेक्टर कार्यालय में अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
कटंगी-तिरोड़ी रेल परियोजना के लिए रेल प्रशासन ने जिन किसानों से भूमि अधिग्रहित की थी। उन किसानों को रेल प्रशासन ने भू-अर्जन के तहत मुआवजा और नौकरी देने की लिखित बात कहीं थी, लेकिन जब नौकरी देने की बारी आई तो रेल प्रशासन केवल 42 लोगों को ही नौकरी दे पाया शेष बचे आवेदक आज भी रेलवे अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे है। इन किसानों का कहना है कि नौकरी की उम्मीद में ही उन्होंने रेलवे को अपनी जमीन दी थी, लेकिन रेलवे अब पेशी-दर-पेशी दिए जा रहा है। किसानों की माने तो रेल अधिकारी अब जमाने भर के नियम कायदे कानून बता रहे है। गत दिनों जब डीआरएम मनिंदर सिंह उप्पल तिरोड़ी रेलवे स्टेशन निरीक्षण के लिए आए थे। तब भी किसानों ने उनसे चर्चा की थी, पर डीआरएम किसानों को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे। यही से किसानों ने आंदोलन करने का मन बनाया था और अब भूख हड़ताल करने की चेतावनी दे चुके है। बुधवार को थाना परिसर में ज्ञापन देने के लिए पहुंचे बेरोजगार युवा मिथलेश राहंगडाले, कमल राहंगडाले, संतोष फेंडरकर, जितेंद्र पटले, नरेंद्र मानेश्वर, सुनील बाविसताले, प्रमोद पटले, कोमल राहंगडाले, दीपक पटले, आलोक चौधरी, टेकचंद जमरे, नितेश तरवरे सहित अन्य ने बताया कि रेलवे द्वारा सात दिनों के भीतर मेडिकल पैनल आउट व नियुक्ति की कार्रवाई शुरू नहीं होती तो वह 12 जनवरी से भूख हड़ताल करेंगे।