
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। बीमारी से प्रभावित बिरसा विकासखंड के मलाजखंड थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी की तीन वर्षीय दृष्टि पंचतिलक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। हालांकि, देवरी गांव में मौजूदा संक्रमण का प्रभाव नहीं है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात खाना खाने के बाद दृष्टि अपनी मां के साथ सोई थी। दृष्टि के दादा नानाजी पंचतिलक ने बताया कि अलसुबह दृष्टि ने उठकर तबीयत ठीक नहीं होने की बात कही।
परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी। जिला अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्वजनों ने किसी कीड़े या जंतु के काटने की बात से इंकार किया है। अस्पताल पुलिस ने पंचनामा के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया और शव स्वजन को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं वारासिवनी के गोलीबारी चौक स्थित पुरानी गुड़ मंडी में रहने वाले संदीप धकाते की बीमारी के कारण निधन हो गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अंतिम संस्कार में कठिनाई का सामना करना पड़ा। संदीप जो अपनी मां मुन्नी बाई के साथ रहता था।
पिछले वर्ष गोंदिया से लौटते समय रेल हादसे में अपने दोनों पैर खो चुका था। उपचार के बाद वह ठीक हो गया था, लेकिन 14 सितंबर को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे शासकीय अस्पताल वारासिवनी में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय भेजा गया।
15 सितंबर को उसकी मौत हो गई। शव को एंबुलेंस से वारासिवनी लाया गया। कोष्टी समाज के अध्यक्ष मनीष हेडाऊ ने सामाजिक सहयोग से अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। 16 सितंबर को नगरपालिका कर्मचारियों की मदद से संदीप का अंतिम संस्कार किया गया।
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