
बालाघाट। नईदुनिया प्रतिनिधि।
जिले में बायपास, रिंगरोड न होने के चलते बड़े वाहन नगरीय क्षेत्र से होकर गुजरते है। वहीं वर्तमान समय में गोंदिया-बालाघाट-जबलपुर-वारासिवनी-कटंगी ब्राडगेज कार्य पूर्ण होने के चलते अब इलेक्ट्रीक कार्य को भी पूर्ण किया जा रहा हैं। इसी कड़ी में भटेरा रेलवे फाटक पर इलेक्ट्रीक कार्य को पूर्ण करने के बाद अधिक ऊंचाई वाहले वाहन से इलेक्ट्रीक वायर की टक्कर न हो इसके लिए सुरक्षा इंतजाम के तहत हाईटगेज लगाने का कार्य किया गया। जिसके चलते यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को परेशान होना पड़ा।
दो घंटे तक लगा रहा जाम, दोनो तरफ लगी लाइन
भटेरा रेलवे फाटक से होकर सड़क मार्ग लामता, परसवाड़ा, बैहर, नैनपुर, मंडला तक जाता हैं। जिसके चलते सवारी वाहन समेत अन्य वाहनों की भीड़ इस मार्ग पर लगी रहती हैं। शनिवार को रेलवे विभाग द्वारा हाईटगेज लगाने का कार्य सुबह करीब दस बजे से शुरु किया गया जो करीब 12 से अधिक समय तक चला। इस मार्ग का कोई वैकल्पिक मार्ग न होने के चलते करीब एक घंटे से भी अधिक देरी तक रेलवे फाटक के दोनो तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही और राहगीर जाम में फंसकर परेशान होते रहे।
आठ से दस पुलिसकर्मियों ने संभाली कमान
भटेरा रेलवे फाटक पर कार्य के दौरान लगे जाम को व्यवस्थित करने के साथ परसवाड़ा, बैहर समेत अन्य मार्गो के तरफ जाने वाले वाहनों को डायवर्ड करने के लिए यातायात विभाग के करीब आठ से दस पुलिसकर्मी तैनात रहे है। जिन्होंने काफी मशक्त की और वाहनों को एक लाइन में लगाकर यातायात को काफी हद तक संभाल कर रखा।
इसलिए होती है परेशानी
ट्रेनों के आवागमन के दौरान सरेखा रेलवे फाटक, बैहर चौकी रेलवे फाटक, भटेरा रेलवे फाटक व गर्रा रेलवे फाटक लगने की स्थिति में जाम की स्थिति हमेशा निर्मित होती है। कारण फाटक लगने की स्थिति में वाहनों को अन्य स्थान से डायवर्ड करने के लिए न तो ओवरब्रिज की सुविधा है और न ही बायपास या रिंग रोड हैं। जिसके चलते इस तरह की स्थिति आए दिन देखने को मिलती हैं। हालांकि हाल में बजट में मध्यप्रदेश शासन सरेखा रेलवे फाटक, भटेरा रेलवे फाटक व गर्रा रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज स्वीकृत किए है, लेकिन इनके बनने की प्रक्रिया में लंबा समय लगेगा।