
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। बालाघाट में खसरा, मलेरिया और कुपोषण के प्रकोप से 26 बच्चों की मृत्यु हो गई, हालांकि सरकार 10 बच्चों की मौतों की पुष्टि ही इन बीमारियों से कर रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में पूरे प्रदेश में इस वर्ष दो बच्चों की मृत्यु ही मलेरिया से बताई जा रही है जो बालाघाट की हैं।
प्रदेश में इस वर्ष अभी तक मलेरिया के 1080 रोगी मिल चुके हैं, जिनमें 329 यानी एक तिहाई अकेले बालाघाट के हैं, इनमें भी 307 फैल्सीपेरम के हैं जो खतरनाक मानी जाती है। इसके बाद छिंदवाड़ा में 92 रोगी हैं। वर्ष 2025 में बालाघाट में मलेरिया के 1200 मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग का स्थानीय अमला इन आंकड़ों के आधार पर सतर्क हो जाता तो शायद इस वर्ष हालात नहीं बिगड़ते।
सूत्रों के अनुसार बालाघाट में बच्चों की मृत्यु पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। कुछ कह रहे हैं, खसरा से मौत नहीं होती। वहीं मलेरिया वाले मात्र दो बच्चों की मृत्यु ही इस बीमारी से मान रहे हैं। ऐसे में बड़ा प्रश्न यही है कि बच्चों की मृत्यु के मूल कारण क्या हैं। बड़ी बात यह कि जिन बच्चों की मौत हुई है उनमें अधिकतर बिरसा और बैहर ब्लाक के बैगा आदिवासियों के बच्चे हैं।
भारत सरकार ने इन्हें विशेष पिछड़ी जनजातियों में सम्मिलित किया है। बैगा विलुप्त हो रही जनजातियों में शामिल है। इसके बाद भी तीन बीमारियों ने मिलकर कहर बरपाया। अभी भी बच्चों की मृत्यु के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का अमला माओवादियों के डर से यहां जाने से कतराता रहा।
दिसंबर में सभी माओवादियों के समर्पण के बाद भी टीकाकरण व स्वास्थ्य जांच के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया नहीं तो जमीनी स्थिति सामने आ जाती।
जानकारों का कहना है कि खसरे का टीका लगने के एक माह के भीतर बीमारी से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बन जाती है। स्वास्थ्य विभाग की हेल्थ मैनेजमेंट इन्फारमेशन सिस्टम (एचएमआइएस) रिपोर्ट के अनुसार बालाघाट में 70 प्रतिशत बच्चों को ही खसरा रोधी टीका लगा है।
हालांकि, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार यह 93 प्रतिशत है। ऐसे में खसरा रोधी टीका लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता थी। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से फीवर सर्वे कराना चाहिए था।
| वर्ष | कुल जांचें | पाजिटिव | पीएफ | मृत्यु |
| 2022 | 11031117 | 3826 | 2452 | 0 |
| 2023 | 11530451 | 3794 | 2625 | 0 |
| 2024 | 11899664 | 3247 | 2041 | 0 |
| 2025 | 9927398 | 2347 | 1343 | 0 |
| 2026 (अगस्त तक) | 4597420 | 1080 | 634 | 2 |
बालाघाट -- 349
छिंदवाड़ा -- 92
सतना -- 53
डिंडौरी -- 52
झाबुआ -- 51
मंडला -- 37
नीमच -- 32
रतलाम -- 31
मंडला -- 30,498
डिंडौरी -- 21,135
छिंदवाड़ा -- 13,970
बालाघाट -- 7,849