
बालाघाट(ब्यूरो)। 19 जून से लापता पत्रकार संदीप कोठारी (38) की नागपुर में जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने एक चिटफंड कंपनी के प्रमुख विशाल तांडी और प्रॉपर्टी डीलर बृजेश अहिरवाल को गिरफ्तार किया है। तीसरा आरोपी खनन कारोबारी राकेश नर्सवानी फरार है।
रोंगटे खड़ी कर देने वाली इस वारदात को हत्यारों ने महाराष्ट्र के वर्धा जिले के सिंधी रेलवे थाना क्षेत्र में रेल पटरी के किनारे अंजाम दिया। पूछताछ में पता चला है कि संदीप ने चिटफंड कंपनी संचालक, प्रॉपर्टी डीलर औरखनन कारोबारी के खिलाफ पुलिस और अन्य संबंधित विभागों में शिकायत कर उनके खिलाफ मामले दर्ज कराए थे। इसी वजह से वे संदीप से रंजिश रखे थे।
एसपी गौरव तिवारी ने इस मामले की जांच के लिए कटंगी थाना प्रभारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। संदीप करीब डेढ़ वर्ष पहले तक एक समाचार पत्र से जुड़े थे। वर्तमान में भी वह अवैध कारोबार करने वालों और खनन माफियाओं के खिलाफ मुहिम चला रहे थे।
घर लौटते वक्त रास्ते से उठा ले गए थे
संदीप बालाघाट के कटंगी में रहते थे। 19 जून को वह अपने दोस्त ललित राहंगडाले के साथ मोटरसाइकल से बालाघाट आए थे। वापस लौटने के दौरान कटंगी रोड पर रात 9:30 बजे विशाल तांडी व ब्रजेश अहिरवाल ने साथियों के साथ मिलकर संदीप को जबरन अपनी कार में बैठा लिया।
विरोध करने पर आरोपियों ने ललित को भी पीटा लेकिन उसे साथ नहीं ले गए थे। रात तकरीबन 12:30 बजे ललित ने कटंगी थाने में मामला दर्ज कराया था। इस मामले में संदिग्ध विशाल तांडी व ब्रजेश अहिरवाल को पुलिस ने हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आया।
अवैध कारनामों के खुलासे की वजह से बढ़ी थी रंजिश
पुलिस के मुताबिक संदीप ने 2011 में मैगनीज खनन संबंधी कुछ जानकारी आरटीआई से लेकर ग्रामीणों के जरिये राकेश नर्सवानी के खिलाफ प्रशासन से शिकायत कराई थी। हालांकि मामले में कुछ नहीं हुआ था। वर्ष 2012 में उन्होंने बृजेश अहिरवाल की अवैध रूप से की गई प्लॉटिंग संबंधी जानकारी लेकर खुद थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस मामले में भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। संदीप ने चिटफंड कंपनी चलाने वाले विशाल तांडी के खिलाफ भी राजस्थान के उदयपुर जिले के हिरणमगरी थाने में पैसा हड़पने की शिकायत दर्ज कराई थी। इन मामलों की वजह से तीनों संदीप से रंजिश रखते थे।
ऐसे वर्धा पहुंची पुलिस टीम
बुटीबोरी में सिंधी रेलवे थाना क्षेत्र की पुलिस ने संदीप का शव बरामद किया था लेकिन इसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। पुलिस ने उसे सिविल अस्पताल भेज दिया। इधर कटंगी पुलिस को तांडी और अहिरवाल से मामले की जानकारी मिली तो यहां की पुलिस ने सिंधी रेलवे थाना क्षेत्र की पुलिस से संपर्क किया। रविवार को कटंगी थाने से पुलिस टीम वर्धा सिविल अस्पताल पहुंची, जहां संदीप के भाई नवीन ने शव की शिनाख्त की।
मुकदमों में फंसाने की साजिश भी की गई
संदीप की हत्या के आरोप में गिरफ्तार बृजेश और अन्य लोगों ने पिछले डेढ़ साल में संदीप के खिलाफ कटंगी थाने में अवैध वसूली करने समेत करीब 18 मामले दर्ज कराए। इन सभी में संदीप बरी हो गए थे। उन पर एक महिला से छेड़छाड़ का मामला नागपुर के बेला थाने में दर्ज है। हालांकि इसमें भी संदीप पर दोष सिद्ध नहीं हुआ।
संदीप कोठारी का शव वर्धा के सिविल अस्पताल से बरामद कर लिया गया है। विशाल तांडी और बृजेश ने हत्या की बात कबूल की है। जांच में तीन लोगों के नाम सामने आए हैं। तीसरा आरोपी राकेश नर्सवानी अभी फरार है। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। -गौरव तिवारी ,एसपी बालाघाट